मोरान संगीतमय सुंदरकांड परिवार की अगुवाई तथा अन्य संस्थाओं के सहयोग से मोरानहाट के 2 दिवसीय श्री श्री हनुमान जन्मोत्सव 2026 का भव्य आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। अध्यक्ष सुशील बेड़ीया, सचिव अशोक बेड़ीया, कोषाध्यक्ष मनोज मिंडिया, संयोजक बीरेन अग्रवाल और रमेश अग्रवाल ने आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मोरान में सभी भक्तजनों और संस्थाओं के सहयोग तथा सम्मिलित प्रयास से बाबा का जन्मोत्सव हम विपरीत मौसम के बावजूद बहुत ही धूमधाम से मनाने में सफल हो पाए हैं।
1 अप्रैल को अपराह्न 4 बजे से 5.30 बजे तक झांकियों तथा मीठे मीठे भजनों और गायन बायन के साथ बहुत ही मनमोहक शोभायात्रा निकाली गई। संध्या 6.30 बजे से रात्रि 10 बजे तक मोरान संगीतमय सुंदरकांड परिवार के सानिध्य में भजनामृत संगीतमय सुंदरकांड पाठ, अखंड ज्योत आरती पुष्पांजलि करते हुए प्रसाद वितरित किया गया और तत्पश्चात रात्रि भोजन भंडारा के साथ प्रथम दिवसीय आयोजन को विराम दिया गया।
दूसरे दिन दिनांक 2 अप्रैल वृहस्पतिवार को बाबा के प्राकट्य दिवस के पावन अवसर पर सुबह 10 बजे उपरांत श्री राधाकृष्ण मिलन मंदिर प्रांगण में पूजा अर्चना समाज प्रतिनिधि यजमान मोहनलालजी और सीमाजी माड़ोदिया की यजमानी में की गई। 11.45 बजे ज्योत प्रज्वलित करते हुए आरती पुष्पांजलि की गई और फिर प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद मारवाड़ी महिला सम्मेलन की मोरानहाट शाखा की मातृ शक्ति के नेतृत्व में 11 बार अलग अलग भजनों के साथ भजनामृत संगीतमय श्री हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए इस चरण को विराम दिया गया।
अन्तिम तथा समापन चरण में संध्या 6.30 बजे से पंडाल परिसर में सचिव अशोकजी बेड़िया और श्रीमती आंचलजी बेड़िया की यजमानी में पूजा अर्चना करते हुए दिव्य अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। साथ ही समिति परिवार द्वारा भजनों की शमां बांधी गई। मीठे मीठे भजनों के बीच भगवान श्रीरामजी की सवारी की झांकी का दर्शन करवाया गया तो दूसरी तरफ अंजनी माता और बाल हनुमान की झांकी के साथ बालाजी महाराज के जन्मोत्सव पर बधाई के भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। अगले चरण में विभिन्न संस्थाओं के नेतृत्व का, विशेष सहयोगियों का अभिनंदन दुपट्टे से किया गया।
अगली कड़ी में इस वर्ष दो दिवंगत समाज बंधुओं को उनके अवदानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके परिवारजनों को उनके प्रतिनिधि स्वरूप - " भक्तराज " के विशेष अलंकरण से अलंकृत किया गया। इसमें एक प्रशस्ति मोमेंटो, साफा, दुसाला, दुपट्टा, गिफ्ट हैंपर तथा स्मृति चिन्ह भेंट करके उनका सम्मान किया गया। इस वर्ष - स्वर्गीय दीनदयालजी सुरेका और स्वर्गीय नौरंगराजी बेड़िया को - भक्तराज का सम्मान दिया गया। अगले चरण में वर्तमान अध्यक्ष सुशीलजी बेड़िया तथा प्रथम महिला श्रीमती करुणा बेड़िया को विगत दो वर्षीय कार्यकाल में उनके सफल नेतृत्व तथा अवदानों की भुरी प्रशंसा करते हुए एक प्रशस्ति मोमेंटो देकर, साफा पहनाकर, दुपट्टा पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट करते उनका सम्मान किया गया। सचिव अशोक बेड़ीया तथा कोषाध्यक्ष मनोज मिंडिया के योगदानों को भी सराहा गया तथा एक एक दुपट्टा पहनाकर उनका सम्मान किया गया। इसके बाद अपने संबोधन में वर्तमान अध्यक्ष सुशीलजी बेड़िया ने अपने तथा अपनी टीम के पदत्याग की घोषणा करते हुए नए अध्यक्ष पवनजी मोर को सभा से रूबरू करवाते हुए एक साफा पहनाकर तथा दुपट्टा पहनाकर उनको नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई। पवन मोर ने अपने संबोधन में सभी को साथ लेकर चलते रहने की संस्था की पॉलिसी पर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया। उन्होंने अपनी नई टीम के कुछ चेहरों से रूबरू करवाते हुए बताया कि - मनीष बेड़ीया सचिव के रूप में, सुनील बेड़िया कोषाध्यक्ष के रूप में, रिंकु पोद्दार और संजय चूड़ीवाल, प्रथम उपाध्यक्ष मनोज बेड़िया, द्वितीय उपाध्यक्ष बिरेन अग्रवाल, तृतीय उपाध्यक्ष प्रवीण पोद्दार, महिला विंग संयोजिका श्रीमती सुनीता निर्मल अग्रवाल, सह संयोजिका श्रीमती कुसुम अग्रवाल और श्रीमती नीतू अग्रवाल तथा श्रीमती डिंपल बेड़िया को शुभकामना और बधाई विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अन्य पदाधिकारियों की घोषणा जल्दी ही करने की बात कही गई। उन्होंने समिति में 4 नए सदस्य - बिमल सुरेका, श्रीमती माया सुरेका, श्रीमती आंचल बेड़िया और प्रशांत मोर को समाहित करने की घोषणा करते हुए उनका सम्मान किया गया। आयोजन में उपस्थित टिंगखोंग विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वर्तमान उम्मीदवार श्री बिमलजी बोरा को मंच पर बुलाकर उनका अभिनंदन करते हुए उन्हें अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित की गई। उन्होंने अपने संबोधन में मोरान में विकाश कार्य को द्रुतगति से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया तथा सभी समाज को एकजुट रखने का संकल्प लिया।
इसके बाद लगभग 8.15 बजे कोलकता से आमंत्रित कलाकार बिट्टू सिंह राजपूत और माही गर्ग के साथ ऑर्केस्ट्रा टीम तथा नृत्य नाटिका टीम को सम्मान करते हुए मंच सौंप दिया गया। फिर उन्होंने नृत्य नाटिका के साथ भजनों की जो शमां बांधी वो अविराम रूप से रात्रि 11.30 बजे तक चली और भक्त लोग इतनी तन्मयता के साथ झूम रहे थे कि समय की बाध्यता को देखते हुए मजबूरन कार्यक्रम को विराम देना पड़ा। इसके बाद आरती पुष्पांजलि करते हुए प्रसाद वितरित किया गया और फिर इस आयोजन के विराम की घोषणा की गई। इसी बीच रात्रि 9.15 बजे उपरांत सभी भक्तजनों के लिए सीता मैया की रसोई का भंडारा खोला गया जो देर रात 12.30 बजे तक चला।
सुंदरकांड परिवार द्वारा इस आयोजन हेतु सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया। इस आशय की जानकारी समिति के पवनजी मोर द्वारा प्रेषित की गई है।









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