ईवीएम/वीवीपीएटी कमीशनिंग की प्रक्रिया शुरू : दूसरे चरण का रेंडमाइजेशन हुआ : सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
प्रीति पारीक, शिवसागर :
असम विधानसभा चुनाव-2026 को स्वच्छ, निष्पक्ष और सफल बनाने के लिए शिवसागर जिला प्रशासन पूर्ण रूप से तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 95-डिमौ, 96-शिवसागर और 97-नाजिरा विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की कमीशनिंग आज से शिवसागर गवर्नमेंट बॉयज एचएस एंड एमपी स्कूल में शुरू हो गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के द्वारा जारी निर्देश के अनुपालन में यह प्रक्रिया शुरू की गई है। उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को ईवीएम कमीशनिंग की अनुसूची की जानकारी दी गई है ताकि वे मॉक पोल प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। बैलट यूनिट (बीयू), कंट्रोल यूनिट (सीयू) और वीवीपीएटी की तैयारी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नामित अधिकारियों और ईसीआईएल के 8 अधिकृत इंजीनियरों की देखरेख में की जा रही है। कमीशनिंग की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार हो रही है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची (फॉर्म-7ए) के आधार पर कंट्रोल और बैलट यूनिट्स में नाम दर्ज किए जा रहे हैं। प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी रहेगी और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर के कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और केवल अधिकृत कर्मियों को ही कमीशनिंग हॉल में प्रवेश की अनुमति है। शिवसागर में दूसरी रैंडमाइजेशन के बाद ईवीएम/वीवीपीएटी की स्थिति को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा विज्ञप्ति में दी गई तालिका के अनुसार विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पोलिंग स्टेशन (पीएस)-वार यूनिटों का आवंटन किया गया है। जिसके अनुसार जिले के 95-डिमौ विधानसभा क्षेत्र में कुल 230 पोलिंग स्टेशन के लिए सीयू - 230, बीयू - 230, वीवीपीएटी - 100; रिजर्व: सीयू-65, बीयू-93, वीवीपीएटी-330; कुल यूनिट - 323 आवंटित किए गए हैं। वहीं जिले के 96-शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में कुल 278 पोलिंग स्टेशन के लिए सीयू - 278, बीयू - 278, वीवीपीएटी - 123; रिजर्व: सीयू-83, बीयू-113, वीवीपीएटी-401; कुल यूनिट - 391 आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार जिले के 97-नाजिरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 233 पोलिंग स्टेशन के लिए सीयू - 233, बीयू - 233, वीवीपीएटी - 101; रिजर्व: सीयू-66, बीयू-94, वीवीपीएटी-334; कुल यूनिट - 327 आवंटित किए गए हैं। आवंटित की गई मशीनों में से यदि कोई मशीन खराब पाई जाती है तो उसे रिजर्व यूनिट से बदला जाएगा और इसकी जानकारी ईएमएस 2.0 सॉफ्टवेयर के माध्यम से उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को दी जाएगी। चुनाव के लिए नियोजित पोलिंग अधिकारियों के दूसरे चरण की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई। जिला आयुक्त कार्यालय के वर्चुअल सभाकक्ष में आयोजित इस प्रक्रिया में भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक नरसिम्हुगारी टी. एल. रेड्डी, जिला आयुक्त तथा जिला निर्वाचन अधिकारी मृदुल यादव, 95-डिमौ, 96-शिवसागर और 97-नाजिरा विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारीगण, सहायक आयुक्त श्रीमती चंदना जाह्नवी और गणेश चंद्र बोड़ो, निर्वाचन अधिकारी अदिति नेउग तथा जिला सूचना प्रौद्योगिकी विज्ञान अधिकारी जगदीश बुढ़ागोहांई उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं, विशेषकर दिव्यांग मतदाताओं से अपील की है कि वे भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई विभिन्न डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाएं। जिनमें कि सक्षम (Saksham) ऐप दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया मोबाइल ऐप। इसमें मतदाता अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं, व्हीलचेयर या परिवहन सहायता (पिक एंड ड्रॉप) मांग सकते हैं, मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह ऐप दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। वहीं वोटर हेल्पलाइन ऐप (Voter Helpline App) सभी मतदाताओं के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म है। इसमें मतदाता सूची देखना, नया नाम जोड़ना, विवरण सुधारना और शिकायत दर्ज करना संभव है। सी-विजिल ऐप (cVIGIL App) चुनाव आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) के उल्लंघनों की रिपोर्टिंग के लिए है। इस ऐप के जरिए नागरिक फोटो या वीडियो के साथ लाइव शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इन ऐप्स के उपयोग, प्रशिक्षण और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। इन डिजिटल टूल्स से मतदान प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में होने हैं और मतगणना 4 मई 2026 को होगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता, सुरक्षा और तकनीकी दक्षता के साथ पूरी हो। मतदाताओं से अपील है कि वे इन ऐप्स को डाउनलोड करें और चुनाव संबंधी किसी भी सहायता के लिए इनका उपयोग करें।









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