प्रीति पारीक, शिवसागर :
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, अगर कोई मतदाता अपना वोटर आईडी कार्ड नहीं ला पाता है, तो वह अपनी पहचान साबित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दिखा सकता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश में मतदान प्रक्रिया के दौरान स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, PAN कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटो वाला पासबुक, मिनिस्ट्री ऑफ लेबर/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, RGI के तहत NPR के अंतर्गत जारी स्मार्ट कार्ड, फोटो वाला पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी कर्मचारी सेवा पहचान पत्र, निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जारी आधिकारिक पहचान पत्र, भरता सरकार के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही EPIC अर्थात वोटर आईडी कार्ड में क्लर्किकल एरर, स्पेलिंग मिस्टेक आदि होने पर भी उसे स्वीकार किया जाएगा, बशर्ते मतदाता की पहचान साफ तौर पर साबित हो सके। यदि कोई मतदाता दूसरे निर्वाचन क्षेत्र से जारी वोटर आईडी कार्ड लाता है, तो भी उसे स्वीकार किया जाएगा अगर उसका नाम मतदान केंद्र के वोटर लिस्ट में हो। वहीं फोटो में मिसमैच आदि की स्थिति में मतदाता को ऊपर बताए गए वैकल्पिक दस्तावेज दिखाने होंगे। जो मतदाता सेक्शन 20A के तहत भारतीय पासपोर्ट के आधार पर वोटर लिस्ट में दर्ज हैं, उन्हें मतदान केंद्र पर केवल मूल पासपोर्ट दिखाना होगा। कोई अन्य दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह निर्देश शिवसागर जिले के जिला आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मृदुल यादव द्वारा जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि लोकतंत्र की नींव और नागरिक के सबसे बड़े संवैधानिक अधिकार उपयोग करते हुए मतदान में भाग लेने के लिए इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखें ताकि मतदान केंद्र पर कोई परेशानी न हो।








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