सोयल खेतान, रोहा
नन्हे मुन्नै बच्चों ने कहानी सुना कर सभी को किया मंत्रमुग्ध।
मनोरमा भुँया की 46वीं ग्रंथ खाधु कथार कुकी विमोचन।
अखिल असम लेखिका समारोह समिति, रोहा शाखा ने साहित्यिक पेंसनर, शिशु साहित्यिक, पूर्व प्रधानाध्यापिका मनोरमा भूँया का 89वां जन्मदिन खाधु कथार दिन (कहानी कहने का दिन) के तौर मनाया और मनोरमा भूँया को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं दी।
रोहा शाखा लेखिका समारोह समिति के तत्वावधान में आज रोहा पंडित गोपीनाथ बरदलै विद्यापीठ प्रांगण में दिन के 11बजे से रोहा निवासी तथा साहित्यिक पेंसनर, शिशु साहित्यिक, पूर्व प्रधानाध्यापिका मनोरमा भूँया का जन्मदिन गत 80वर्ष के उम्र से खाधु कथार दिन के तौर मनाते आने के क्रम में आज मनोरमा भूँया के 89वां जन्मदिन के उपलक्ष में रोहा लेखिका समारोह समिति के कार्यकारी अध्यक्षा डॉ निरला देवी के अध्यक्षता और सचिव स्वर्णलता भुँया के उद्देश्य व्याख्या के साथ आयोजित खाधु कथार दिन के उपलक्ष में सेवानिवृत्त विषय शिक्षयत्री देहेश्वरी दास द्वारा द्वीप प्रज्वलन कर शुभारंभ करने के साथ ही रोहा शाखा लेखिका समारोह समिति, रोहा शाखा साहित्य सभा, तिवा छात्र संघ, रोहा आंचलिक आसु, रोहा वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन, रोहा सुर्यवती शाखा साहित्य सभा, रोहा पत्रकार संघ, दिघलीआटी जातीय विद्यालय सहित विभिन्न दल संगठन, अनुष्ठान प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि तथा व्यक्ति विशेष ने मनोरमा भूँया को एक एक फुलाम गमछा, सेलेंग, उपहार, ग्रंथ और अभिनंदन पत्र प्रदान कर अभिनंदन कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दे पैर छोकर आशिर्वाद लिया। साथ ही ईस उपलक्ष में आयोजित खाधु कहने के प्रतिस्पर्धा में 10नन्हे मुन्नै बच्चों ने हिस्सा ले एक से बढकर एक काहानी कह सभी को मंत्रमुग्ध करने के साथ ही कहानी कहने प्रतिस्पर्धा के प्रज्यालोचक के तौर पर रोहा महाविद्यालय की पूर्व अध्यापिका डॉ राजश्री बोरा ने सम्बोधित करने के साथ ही प्रतिस्पर्धा के निर्णायक के तौर पर शिक्षयत्री मौसमी शर्मा, कवि रुपम नाथ उपस्थित रहने के साथ ही खाधु विषयक वक्तृतामाला अनुष्ठान में नवप्रजन्म की चार प्रतिनिधि क्रमशः ईसिता गोस्वामी, मनाली सईकीया, देवांगी बोरा और जुरि वेगम उपस्थित रह वक्तृता प्रदान किया।
साथ ही ईस उपलक्ष मे साहित्यिक पेंसनर मनोरमा भूँया की 46वां ग्रंथ खाधु कथार कुकी नामक ग्रंथ का विमोचन रोहा हायरसेकेंडरी के पूर्व प्राचार्य कमल चंद्र शर्मा ने विमोचन किया। समारोह में आयोजित कहानी कहने प्रतिस्पर्धा के विजयी प्रतियोगी क्रमशः प्रथम स्थान प्राप्त एवलीन दास, द्वितीय स्थान प्राप्त ज्योतिमा कश्चयप और तृतीय स्थान प्राप्त नीलांजना काकोति को पुरस्कृत किया गया।
रोहा पंडित गोपीनाथ बरदलै विद्यापीठ की अध्यक्षा अनुप्रभा कोंवर सिंहा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में मनोरमा भूँया के पुत्र विश्वजित भुँया,ध्रुवजीत भूँया,बहु रश्मि भुँया,रोहा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य जतींद्र कुमार पारै,रोहा लेखिका समारोह समिति सह सचिव सयनीका डेका सहित रोहा शाखा लेखिका समारोह समिति सहित विभिन्न दल संगठन, अनुष्ठान प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।








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