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अभामामस की नई प्रांतीय कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार, शालिनी बगड़िया अध्यक्ष व मनिता मित्तल सचिव बनीं



नगांव, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (अभामामस) की असम प्रांतीय इकाई के नए सत्र 2026-28 का विधिवत शुभारंभ 1 अप्रैल से हो गया है। इस अवसर पर नव-नियुक्त प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती शालिनी बगड़िया एवं सचिव श्रीमती मनिता मित्तल सहित सभी पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से अपना-अपना कार्यभार संभाल लिया।


उल्लेखनीय है कि अभामामस, समाज की अग्रणी सामाजिक संस्थाओं में से एक है, जो असम में पिछले 25 वर्षों से महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नेत्रदान, रक्तदान, देहदान, अंगदान एवं नारी सुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करती आ रही है। वर्तमान में असम प्रांत में इसकी 51 शाखाएं सक्रिय हैं, जिनसे हजारों महिलाएं जुड़ी हुई हैं और सामाजिक उत्थान के कार्यों में निरंतर योगदान दे रही हैं।


हाल ही में राष्ट्रीय अधिवेशन बालासोर 2026 में शालिनी बगड़िया को असम प्रांत की अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया था। अपने जुझारू एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के लिए जानी जाने वाली शालिनी बगड़िया ने नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए श्रीमती मनिता मित्तल (नगांव) को प्रांतीय सचिव, संगीता शोभासरिया को कोषाध्यक्ष, श्रीमती राधिका जालान (देरगांव) को उपाध्यक्ष तथा श्रीमती ज्योति सुरेका (होजाई) को सह सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी है।


इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकल्पों के लिए भी प्रमुखों की नियुक्ति की गई है। इनमें महिला सशक्तिकरण प्रकल्प की जिम्मेदारी सुनीता अग्रवाल (मोरान), रक्तदान एवं देहदान प्रकल्प की श्वेता कर्वा (तीताबर), नेत्रदान एवं अंगदान प्रकल्प की शीतल तेजावत (सरुपथार), पर्यावरण प्रकल्प की रंजना जालान (गोलाघाट), बाल विकास प्रकल्प की प्रियंका सरावगी (होजाई), संस्कार-संस्कृति प्रकल्प की सुमन भड़ेच (जोरहाट) तथा संबंध समन्वय प्रकल्प की ऊषा भारद्वाज (तिनसुकिया) को सौंपी गई है।


नए सत्र का नारा “संस्कार ही धरोहर” निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष शालिनी बगड़िया ने अपने दो वर्षीय कार्यकाल में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया।


नए सत्र के शुभारंभ के अवसर पर सभी शाखाओं द्वारा पौधारोपण, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ तथा असम एवं राजस्थानी संस्कृति के संगम से सजे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही आगामी समय में पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान, देहदान एवं त्वचादान जैसे प्रकल्पों पर विशेष रूप से कार्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


इस संबंध में जानकारी असम प्रदेश की जनसंपर्क प्रमुख पूनम अग्रवाल एवं सह प्रमुख कुसुम आलमपुरिया द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान की गई।

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