"लाऊ खा बैंगेना खा,दिने दिने बाढी जा,मायै खरु वापै खरु,तौय होवी वर गौरु"जिहाँ रोहा में कृषक जनता ने ईस गीत को गाते हुवे मवेशियों को स्नान करा श्रीवृद्धि की कामना की।
समस्त राज्य भर की भांति वृहतर रोहा, चापरमुख में जातीय उत्सव रंगाली बिहु प्रथम दिन जनता ने बाजारों से प्रयोजनीय सामग्रियों की खरीददारी करने के साथ ही द्वितीय दिन आज गौरु बिहु के अवसर पर रोहा,चापरमुख में कृषक जनता अपने परिवार,मित्रों के साथ प्रात:अपनी अपनी गौधनों को कलंग नदी तट पर ले जा तुलसी पैड के निचे धुप द्वीप प्रज्वलित कर पुजा अर्चना करने के साथ ही गौधनों को माह,हल्दी लगा कलंग नदी मे स्नान कराया और खेती में श्रीवृद्धि और अपने परिवार सहित देश समाज की मंगल कामना की।साथ ही महानायक जुबिन गर्ग विहिन राज्य मना रहा है रंगाली बिहु, जनता ने जुबिन गर्ग के प्रतिचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलन कर श्रद्धांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन स्मरण कर हार्टथ्रुब जुबिन गर्ग को जल्द से जल्द न्याय की कामना की।
बिहु के तृतीय दिन बुधवार को मानुह बिहु मनाया जायेगा।मानुह बिहु पर छोटों ने बड़ों से आशिर्वाद लेने के साथ ही अपने रिश्तेदार,मित्रों को रंगाली बिहु ढेरों शुभकामनाएं दी जायेगी।








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