रमेश मुन्दड़ा
होजाई: हमारी संस्कृति व परंपरा हमें बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाती है उक्त बातें आज होजाई के अंकुर संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय रंगाली बिहू के कार्यक्रम के दौरान नई पीढ़ी द्वारा अपने बुजुर्गों के सम्मान समारोह में अंकुर संघ के सचिव अनूप कुमार बरठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि हम सबों का यह कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को अपने बुजुर्गों का सम्मान एवं हमारी संस्कृति से अवगत करवाना। इसे नई पीढ़ी को बुजुर्गों के प्रति सम्मान देने की भावना बनी रहेगी।
इसी कड़ी में आज पदमा बरठाकुर, सुरेंद्रनाथ डेका, जगदीश प्रसाद सुरेका, परमोदेश्वर बरकटकी, चंपा बरकटकी, गुरु प्रसाद बरठाकुर, हिंमत दास, कुशेश्वर मुदई,डॉ समसुल हक, लावण्या बोरा, दयाल चंद्र क्रो का सम्मान करते हुए फूलाम गमछा एवं मानपत्र भेंट कर उनसे आशीर्वाद लिया गया। उस वक्त का दृश्य देखते ही बनता था। उपस्थित सभी वरिष्ठ जनों ने युवाक-युवतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ अंकुर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष विपुल चंद्र शर्मा ने संघ का ध्वज, विशिष्ट समाजसेवी व मोजेदार रंजन कुमार बोरा ने बिहू का ध्वज फहराया। इसके बाद समाज की महिलाओं द्वारा श्रीमयईअसमी गीत की प्रस्तुति दी गई। वहीं, अंकुर संघ के सलाहकार व विशिष्ट समाजसेवी डॉ समसुल हक ने भारत रत्न डॉ भूपेन हजारीका की प्रतिमूर्ति पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया व विशिष्ट समाजसेवी सुरेंद्रनाथ डेका ने असम की धड़कन सुप्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के प्रतिछवि के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं उपस्थित सभी संघ के कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर दोनों महान विभूतियों को नमन किया। इस दौरान कार्यक्रम में दसवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों जिनमें कृषाक्षी कलिता, अभिज्ञान बरुआ, दर्शित शर्मा, दिव्यंका शर्मा, दर्पद कुमार शर्मा, रोनांगना रनक बरकटकी के साथ-साथ वर्ष 2025 में गुवाहाटी विश्वविद्यालय के अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन व जर्नलिज्म विभाग में गोल्ड मेडल प्रथम स्थान के साथ सफलता अर्जित करने वाले नीलम कश्यप बरठाकुर का विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी रंजन कुमार बोरा ने उपस्थित सभी जनों को विहूकी हार्दिक शुभकामनाएं दी। और कहा कि बिहू है तो असम है, असम है तो बिहू है। उन्होंने आगे कहा बिहू से ही हमारी पहचान है इसलिए हम सबको सद्भावना व हर्षोल्लास के साथ इसका आयोजन करना चाहिए। उक्त कार्यक्रमों के बाद खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। गौरतलब है, महान गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम को लघु रूप में आयोजित किया गया।












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