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नवगांव मे अक्षय तृतीया का भव्य आयोजन




कर्मयुग और धर्म युग के प्रवर्तक थे भगवान ऋषभदेव-- मुनि रमेश कुमार


नवगांव, युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री रमेश कुमार जी के पावन सान्निध्य में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा नौगांव के तत्वावधान में लायंस क्लब भवन में अक्षय तृतीया का भव्य समारोह आयोजित हुआ। इस समारोह में गुवाहाटी, तेजपुर, रुपोही, मोरियाबाडी धींग आदि अनेक क्षेत्र से अच्छी संख्या में भाई बहनों ने भाग लिया।

मुनि रमेश कुमार जी ने भगवान ऋषभदेव के जीवनवृत्त को बताते हुए कहा कि मानव सभ्यता के प्रथम शिक्षक और व्यवस्थापक थे, जिन्होंने भोग युग से कर्म युग की ओर संक्रमण के दौरान समाज को षट्कर्म की व्यवस्था की। असि, मसि, कृषि, ऋविद्या, वाणिज्य और शिल्प ये षट् कर्म है। इससे समाज को आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने राजतंत्र, न्याय व्यवस्था और वर्ण व्यवस्था का आधार रखा। उनकी समाज व्यवस्था अहिंसा, अपरिग्रह और नैतिकता पर आधारित थी। जिसका उद्देश्य जीवन का निर्वाह, निर्माण और शांतिपूर्ण सहवास था।

जब कल्पवृक्षों के समाप्त होने से संसाधनों की कमी हुई, तब ऋषभदेव ने शासन की बागडोर संभाली और विश्व के प्रथम राजा बने। उन्होंने दंड नीति और शासन व्यवस्था की स्थापना की ताकि संघर्षों को सुलझाया जा सके। आपने आगे कहा-षट्कर्म का प्रवर्तन: समाज को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्होंने छह प्रमुख व्यवसायों का ज्ञान दिया।

असि: रक्षा के लिए शस्त्र विद्या। मसि: लेखन और लिपि (ब्राह्मी लिपि) का ज्ञान। कृषि: खेती करना (जिसे उन्होंने 'आर्य कर्म' कहा)।वाणिज्य: व्यापार और विनिमय।विद्या: कला और विज्ञान का ज्ञान।शिल्प: विभिन्न प्रकार की कारीगरी।वर्ण व्यवस्था का आधार: उन्होंने समाज को व्यवसाय और गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया, जिसमें क्षत्रिय, आर्य और विशिष्ट कुशल श्रमिक (शिल्पी) जैसे समूह शामिल थे।

स्त्री शिक्षा और समानता: उन्होंने अपनी पुत्रियों, ब्राह्मी और सुंदरी, को अक्षर ज्ञान, गणित और अन्य विधाओं में शिक्षित किया, जो स्त्री शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है।

इससे पूर्व मुनि रमेश कुमार जी ने नमस्कार महामंत्रोंचार से समारोह का शुभारंभ किया। तेरापंथ महिला मंडल ने स्वागत गीत और अक्षय तृतीया का संगान किया। तेरापंथी सभा के उपाध्यक्ष रमेश जी सुराणा ने समाज की ओर संत प्रवर और आगन्तुक महमानों का स्वागत किया। तेरापंथ युवक परिषद् के अध्यक्ष पीयूष पुगलिया, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष संजय जी बोथरा, पूर्वोत्तर तेरापंथी सभा के संरक्षक मोहनलाल जी नाहटा आदि वक्ताओ ने आज दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए।मधुर गायिका श्रद्धा गुजरानी ने अक्षय तृतीया पर सुमधुर गीत प्रस्तुत किया।तेरापंथी सभा के संगठन मंत्री विवेक बोरड ने कुशलता पूर्वक समारोह का संचालन किया।यह समाचार सेवादार प्रहलाद सिंह ने पत्रकारों को प्रेषित किया।

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