सोयल खेतान, रोहा
16वें असम विधानसभा अधिवेशन में 17विधायकों द्वारा संस्कृत भाषा लिए गये शपथ ग्रहण की संस्कृत भारती,उतर असम प्रांत ने भरपुर प्रशंसा करते हुवे ईस कार्य का स्वागत किया।
संस्कृत भारती, उतर असम प्रांत अध्यक्षा प्रोफेसर शुदेष्णा भट्टाचार्या और प्रांत मंत्री पंकज शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित प्रेश विग्यप्ति में उल्लेख किया है कि 16वें असम विधानसभा अधिवेशन में नव निर्वाचित विधायकों के बिच उल्लेखनीय दृश्य देखा गया की 17 नव निर्वाचित विधायकों ने संस्कृत भाषा में शपथ लिया जिसकी हम भरपुर प्रशंसा और आभार व्यक्त करते है। संस्कृत भाषा में शपथ लेने वाले विधायकों में शामिल है विश्वजित दैमारी, विमल बोडा,जयंत मल्ल वरुबा, भवेश कलिता, पृथ्वीराज राभा, डॉ परम्मानंद राजवंशी, संजय किसान, डॉ मृदुल कुमार दत्त, अमिय कांति दास, विजय कुमार गुप्ता, नीलिमा देवी, डॉ मिलन दास, मयूर बरगौहाँई, भिक्टर कुमार दास, कृष्ण कमल ताँती और पवित्र राभा।
साथ ही विग्यप्ति में उल्लेख किया है कि यह कार्य राज्य की राजनीति और सांस्कृतिक क्षेत्र में एक नयी दिशा उन्मोचन करने के साथ ही भारतीय एतिज्यवाही भाषा के प्रति आस्था और सम्मान प्रदर्शन किया है, और विधायकों द्वारा संस्कृत भाषा का चयन करना भाषा पुन:जीवित और प्रचार के क्षेत्र में अच्छा संकेत है। साथ ही असम जैसे बहुभाषिक राज्य में संस्कृत के प्रति आग्रह विद्यार्थियों के बिच अनुप्रेरणा का संचार करेगा यह विशेषग्यों ने अभिमत प्रकाश किया है और संस्कृतिक खेमे में ईस कार्य की भरपुर प्रशंसा की गयी है। संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नही है, यह भारतीय ग्यान संस्कृति का मुख्य आधार है और राजनीतिक मंच पर उक्त भाषा का व्यवहार गौरव पुनः प्रतिष्ठा करने में सहायक होगा।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें