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शहीद पत्रकार पराग कुमार दास को नमन, उनके 31वे पुण्यतिथि पर लखीमपुर में श्रद्धांजलि सभा



मानवाधिकार और पत्रकारिता पर गूंजा विमर्श


ओमप्रकाश तिवारी और राजेश राठी की रिपोर्ट


असम के लखीमपुर में मानव अधिकार संग्राम समिति के संस्थापक पत्रकार पराग कुमार दास की स्मृति में उनके 31 वें पुण्यतिथि परश्रद्धांजलि सभा व शहीद दिवस का आयोजन लखीमपुर प्रेस क्लब तथा चाउलधोवा ठेकेरागुड़ी सार्वजनिक प्रेक्षागृह में अलग-अलग आयोजित किया गया।

असम के लखीमपुर में मानव अधिकार संग्राम समिति यानी ‘मास ’ द्वारा शहीद पत्रकार पराग कुमार दास की स्मृति में भव्य श्रद्धांजलि सभा और शहीद दिवस का आयोजन किया गया। चाउलधोवा ठेकेरागुड़ी सार्वजनिक प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में मानवाधिकार, पत्रकारिता और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।


कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक स्वच्छता अभियान और संगठन के ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद शहीद तर्पण और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर शहीद वरिष्ठ पत्रकार पराग कुमार दास समेत कई शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

दोपहर में आयोजित चर्चा सभा का मुख्य विषय था “मानव अधिकारों की रक्षा में पत्रकारों की भूमिका”। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता केवल खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवाधिकारों की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ भी है।

कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकारों को सम्मानित किया गया, वहीं क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहित किया गया।

शाम को शहीद वेदी के सामने दीप प्रज्वलन के साथ पूरे कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन हुआ। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को शहीद पत्रकारों के संघर्ष और आदर्शों से प्रेरणा देते रहेंगे।

विशेष उल्लेखनीय है कि मानव अधिकार संग्राम समिति असम में स्थित एक प्रमुख क्षेत्रीय, गैर-लाभकारी मानवाधिकार संगठन है। इसकी स्थापना 1991 में वरिष्ठ पत्रकार पराग कुमार दास द्वारा की गई थी ।यह संस्था असमिया बुद्धिजीवियों और पत्रकारों द्वारा राज्य में नागरिक और राजनीतिक अधिकारों के संरक्षण, मानवाधिकार शिक्षा और सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन की निगरानी के लिए काम करती है।

यह संगठन हिंसा के मामलों की तथ्य-खोज (fact-finding) मिशन चलाता है, पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करता है और मानवाधिकार उल्लंघन की रिपोर्ट प्रकाशित करता है। जिसका मुख्यालय गुवाहाटी के बामुनी मैदान में है।

यह संगठन पूर्वोत्तर भारत में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम करने वाले अग्रणी नागरिक समाज संगठनों में से एक है।

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