स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के विकास में मेडिकल कॉलेज की भूमिका अहम : कुलपति डॉ. मुकुल चंद्र बोरा
उत्तर असम के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल लखीमपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का 5वां स्थापना दिवस आज कॉलेज के प्रेक्षागृह में उत्साह और गरिमामय वातावरण के बीच मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कॉलेज की साहित्यिक प्रतिभा को दर्शाने वाली वार्षिक स्मृति ग्रंथ ‘एलमेना’ का भी औपचारिक लोकार्पण किया गया। इस स्मृति ग्रंथ का संपादन मृण्मय माली द्वारा किया गया है।
आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नॉर्थ लखीमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकुल चंद्र बोरा उपस्थित रहे। स्मृति ग्रंथ का विमोचन करते हुए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लखीमपुर मेडिकल कॉलेज ने बेहद कम समय में लखीमपुर सहित आसपास के जिलों में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय जागरण लाने में सफलता हासिल की है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लखीमपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुणेंद्र डेका भी उपस्थित रहे। उन्होंने चिकित्साकर्मियों की मानवीय सेवा भावना की सराहना करते हुए कॉलेज की निरंतर प्रगति की कामना की।
समारोह में स्वागत भाषण लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं मुख्य अधीक्षक डॉ. प्रांजल तहबिलदार ने दिया। उन्होंने संस्थान की पांच वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए भविष्य की योजनाओं और कार्यनीति पर प्रकाश डाला।
इस गरिमामय कार्यक्रम में अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ. हिरण्य बोरा, अधीक्षक डॉ. रक्तिम बरगोहाईं, स्टाफ प्रेसिडेंट चिन्मय देउरी तथा छात्र एकता सभा के सचिव ज्योतिष्मान शर्मा सम्मानित अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे।
इसके अलावा कॉलेज के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रोफेसर, चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति ने पूरे स्थापना दिवस समारोह को उत्सवमय बना दिया।








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