लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के पहले बैच ने भरी प्रतिभा और परिश्रम की ऐतिहासिक उड़ान, रचा इतिहास - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के पहले बैच ने भरी प्रतिभा और परिश्रम की ऐतिहासिक उड़ान, रचा इतिहास



हृतिक श्याम सैकिया ने पूरे असम में 15वां रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का गौरव


लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की रिपोर्ट


लखीमपुर, असम में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र से एक बेहद गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां नवस्थापित लखीमपुर मेडिकल कॉलेज ने अपने पहले ही MBBS बैच में ऐतिहासिक सफलता हासिल कर पूरे राज्य में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा दिया है। उत्तर लखीमपुर स्थित इस मेडिकल कॉलेज के छात्र हृतिक श्याम सैकिया ने MBBS अंतिम परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे असम में 15वां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे लखीमपुर जिले और मेडिकल कॉलेज का नाम गौरवान्वित कर दिया है। हृतिक ने अपनी असाधारण मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर Surgery तथा Otorhinolaryngology (ENT) जैसे महत्वपूर्ण विषयों में Honours हासिल कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े संस्थान की मोहताज नहीं होती, बल्कि समर्पण और परिश्रम ही सफलता की असली पहचान होते हैं। लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के पहले ही बैच से निकली यह ऐतिहासिक उपलब्धि अब पूरे असम में चर्चा का विषय बन चुकी है। कॉलेज के स्थापना काल से लेकर आज तक जिस सपने को संजोया गया था, उसे हृतिक श्याम सैकिया जैसे प्रतिभाशाली छात्र ने अपनी सफलता से साकार कर दिखाया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि किसी भी नए मेडिकल कॉलेज के लिए शुरुआती वर्षों में शैक्षणिक गुणवत्ता स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती होती है, लेकिन लखीमपुर मेडिकल कॉलेज ने पहले ही बैच में उत्कृष्ट परिणाम देकर यह साबित कर दिया है कि उत्तर असम का यह संस्थान भविष्य में राज्य के प्रमुख मेडिकल शिक्षण संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बनाने जा रहा है। हृतिक श्याम सैकिया की सफलता के पीछे एक मजबूत शैक्षणिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि भी प्रेरणास्रोत के रूप में सामने आई है। उनके पिता डॉ. गोविन सैकिया उत्तर लखीमपुर के एक प्रतिष्ठित गायनेकोलॉजिस्ट हैं, जो वर्षों से मरीजों की सेवा और समाज के प्रति अपने समर्पण भाव के कारण क्षेत्र की जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। वहीं उनकी माता मीनाक्षी सैकिया लखीमपुर गर्ल्स कॉलेज के एंथ्रोपोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान और उत्कृष्ट शिक्षण शैली छात्र-छात्राओं के बीच विशेष पहचान रखती है। ऐसे शिक्षित एवं संस्कारित वातावरण में पले-बढ़े हृतिक ने अपने माता-पिता के आदर्शों को आत्मसात करते हुए यह बड़ी सफलता अर्जित की है।लखीमपुर मेडिकल कॉलेज की इस उपलब्धि ने यह संदेश भी दे दिया है कि उत्तर लखीमपुर अब केवल सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छूने की ओर तेज़ी से अग्रसर है। पहले ही बैच द्वारा पूरे असम में सफलता का डंका बजाना न केवल कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। आज पूरे जिले में हृतिक श्याम सैकिया की इस सफलता को लेकर उत्साह और गर्व का माहौल है, और लोग उन्हें “लखीमपुर से निकला मेडिकल स्टार” कहकर सम्मानित कर रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें