पूजा माहेश्वरी
नगांव, नगांव शहर के समीप स्थित खुटिकटिया निवासी प्रख्यात समाजसेवी, लेखक-साहित्यकार एवं शिक्षाविद् गोलोक चंद्र नाथ का शुक्रवार को तड़के उनके आवास पर वृद्धावस्था संबंधी कारणों से निधन हो गया। निधन के समय उनकी आयु 93 वर्ष थी।
गोलोक चंद्र नाथ ने “निगम कल्पतरु और तत्त्व दर्शन”, “भागवत का आंशिक तत्त्व निरूपण”, “अमेरिका की नाना बातें”, “एरिओहा दिनर सुवास” सहित छह पुस्तकों की रचना की थी। वे असम साहित्य सभा के आजीवन सदस्य भी थे।
उनका जन्म रोहा के पहुपुरी गांव में हुआ था। दीघलदरी काकतिगांव हाईस्कूल के संस्थापक नाथ अपने जन्मस्थान के विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों के प्रमुख प्रेरणास्रोतों में से एक थे। उनके निधन पर असम साहित्य सभा के प्रधान सचिव देबजीत बोरा सहित विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं तथा परिजनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। वे अपने पीछे तीन पुत्र, तीन बहुएं, दो पुत्रियां, दो दामाद और दस नाती-पोतों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उल्लेखनीय है कि उनके कनिष्ठ पुत्र हेमांग रंजन नाथ और सबसे छोटी पुत्री ज्योतिश्री देवी वर्तमान में अमेरिका में कार्यरत हैं।








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