पूजा माहेश्वरी
मारीकोंलोंग डकैती कांड का मुख्य आरोपी था खैरुल अली उर्फ मोनी
नगांव । विश्वसनीय सूत्रों से डकैती की तैयारी की सूचना मिलने पर नगांव थाना पुलिस की एक टीम ने मंगलवार तड़के रंगालू पेट्रोल पोस्ट अंतर्गत बोरकंदली-मिकिरपार गांव में अभियान चलाकर एक कुख्यात डकैत को मुठभेड़ में मार गिराया ।
पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान पांच संदिग्ध मौके से फरार हो गए, जबकि एक आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोली चला दी। आत्मरक्षा के तहत पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। बाद में पुलिस ने गंभीर रूप से घायल आरोपी को गिरफ्तार कर नगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया । मृतक की पहचान लखीमपुर टाउन के थाना रोड निवासी खैरुल अली उर्फ मोनी के रूप में हुई है। वह लगभग एक माह पूर्व हुए चर्चित मारीकोंलोंग डकैती कांड का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड था। इस घटना में नगांव के चिकित्सक डॉ. रंजीत सैकिया की पत्नी रूपरेखा भुइयां सइकिया गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और कोमा में रहने के बाद 10 मई को गुवाहाटी के एक अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई थी । इस हमले में डॉ. सइकिया भी घायल हुए थे । इस मामले में अब तक नगांव पुलिस कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है । पुलिस ने घटनास्थल से मृतक के कब्जे से एक 7.65 एमएम पिस्तौल, दो खाली कारतूस, लोहे की रॉड तथा धारदार हथियार बरामद कर जब्त किए हैं । पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खैरुल अली नगांव, सोनितपुर और लखीमपुर जिलों में लूट एवं डकैती के कई मामलों में पहले से शामिल था । वह कई बार नगांव स्थित स्टार होटल में ठहरता था और अपने सहयोगियों तथा जिले में मौजूद रिश्तेदारों के साथ चोरी और डकैती जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम देता था । नगांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास ने मंगलवार सुबह नगांव थाना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी । वहीं नगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) ए दौले ने बताया कि उपनिरीक्षक बिमान गोगोई के नेतृत्व में नगांव थाना पुलिस की टीम ने यह अभियान चलाया था । फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है ।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें