सिक्किम विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता का राष्ट्रीय सम्मान, जिले में गर्व और खुशी की लहर
लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की रिपोर्ट
लखीमपुर, प्रतिभा, कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प की मिसाल पेश करते हुए उत्तर लखीमपुर के बाजार पट्टी वार्ड संख्या-9 की होनहार बेटी प्रिती साह ने एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है, जिस पर न केवल पूरा लखीमपुर जिला बल्कि समूचा असम गर्व महसूस कर रहा है। सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए उन्हें प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने 27 मई 2026 को भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से प्राप्त कर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। प्रिती साह, उत्तर लखीमपुर निवासी रामानंद साह एवं मीना देवी की प्रतिभाशाली पुत्री हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर यह सिद्ध कर दिया कि सफलता परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्तर लखीमपुर के वार्ड संख्या-6 स्थित सर्वेश्वर बरुआ उत्तर लखीमपुर हिंदी विद्यालय से प्राप्त की तथा वर्ष 2016 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने लखीमपुर गर्ल्स कॉलेज से वर्ष 2018 में उच्च माध्यमिक एवं वर्ष 2021 में स्नातक की शिक्षा उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का सिलसिला यहीं नहीं रुका और उन्होंने वर्ष 2023 में सिक्किम विश्वविद्यालय से हिन्दी विषय में स्नातकोत्तर (मास्टर्स) की पढ़ाई में पूरे विश्वविद्यालय में सर्वोच्च प्रदर्शन कर गोल्ड मेडलिस्ट बनने का गौरव हासिल किया। इसके पश्चात वर्ष 2025 में उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूजीसी-नेट (NET) परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण कर अपनी शैक्षणिक क्षमता का परिचय दिया और वर्तमान में वे मिजोरम विश्वविद्यालय से पीएच.डी. कर शोध कार्य में संलग्न हैं। राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करना किसी भी विद्यार्थी के जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण माना जाता है और प्रिती साह की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि उनके विद्यालय, महाविद्यालय और पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। उनके शिक्षकों के अनुसार प्रिती बचपन से ही अत्यंत मेधावी, अनुशासित और परिश्रमी छात्रा रही हैं तथा उनकी सफलता आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है, जो यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। प्रिती साह की इस उपलब्धि पर जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है, वहीं उत्तर लखीमपुर में इस ऐतिहासिक सफलता को लेकर गर्व, खुशी और उत्साह का वातावरण व्याप्त है।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें