कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब सुवेन्दु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया। कोलकाता के ऐतिहासिक परेड मैदान में आयोजित भव्य समारोह में हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को उत्साह और राजनीतिक ऊर्जा से भर दिया।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कई केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के वरिष्ठ नेता तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। समारोह के दौरान “सोनार बांग्ला”, “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोलकाता शहर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
नई सरकार के मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने का प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और नीसिथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली। भाजपा नेतृत्व ने इसे सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली सरकार बताया।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता को नमन करते हुए इसे लोकतंत्र और जनविश्वास की जीत करार दिया। वहीं योगी आदित्यनाथ द्वारा सुवेंदु अधिकारी को भगवा गमछा पहनाने का दृश्य समर्थकों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना रहा।
कार्यक्रम का एक भावुक क्षण तब सामने आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार से आशीर्वाद लिया। इस दृश्य को लंबे समय तक संगठन के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान के रूप में देखा गया।
शपथ ग्रहण के बाद पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में भाजपा समर्थकों ने जश्न मनाया। कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं और विजय जुलूस निकाले गए। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि नई सरकार राज्य में विकास, बेहतर प्रशासन और सांस्कृतिक गौरव को नई दिशा देगी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का गठन पूर्वी भारत की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में नई सरकार की नीतियों और “सोनार बांग्ला” की परिकल्पना पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
शपथ लेने वाले मंत्रियों का परिचय
खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोषको मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली। अग्निमित्रा पॉल लगातार दूसरी बार भाजपा विधायक बनी हैं।
बनगांव उत्तर से विधायक अशोक कर्तेनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। वे राज्य के मतुआ समुदाय का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।
भाजपा के आदिवासी नेता खुदीराम टुडू को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। पेशे से सरकारी स्कूल शिक्षक रहे खुदीराम टूडु पहली बार रानीबांध सीट से विधायक चुने गए हैं।
इसके अलावा नीसीथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली। पूर्व में कूचबिहार से सांसद रह चुके निसिथ प्रमाणिक अब माथाभांगा सीट से विधायक बने हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से की थी और वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे।








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