बंगाईगाँव: ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान तथा केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ असम के तत्वावधान में बुधवार को बंगाईगाँव केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा बुधवार को 24 घंटे आयोजित राष्ट्रव्यापी बंद का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। पूरे भारतवर्ष के साथ बंगाईगाँव में भी खुदरा एवं थोक दवा विक्रेताओं ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विभिन्न मांगों के समर्थन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बंद के कारण शहर के अधिकांश दवा प्रतिष्ठानों के शटर दिनभर बंद रहे, जिससे बाजार में बंद का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दिया।
दवा विक्रेताओं की ओर से अध्यक्ष अरुप कुमार मल्लिक एवं सचिव अशोक चौधरी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन एजेंसियों द्वारा बिना उचित निगरानी के दवाओं की अवैध बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे न केवल पारंपरिक दवा व्यवसाय प्रभावित हो रहा है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। उपाध्यक्ष परमानंद पाटगीरी एवं सह सचिव सुशांत दत्तो ने कहा कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त बड़े कॉरपोरेट हाउसों एवं कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर दवाओं की बिक्री किए जाने से छोटे एवं मध्यम स्तर के दवा व्यवसायियों के सामने अस्तित्व का संकट उत्पन्न हो गया है। उपाध्यक्ष राजेश्वर देवनाथ एवं निताई पाल ने कोविड महामारी के दौरान लाए गए ई फार्मेसी अधिसूचनाओं को तुरंत निरस्त करने की सरकार से अपील की।
कोषाध्यक्ष महेश कुमार अग्रवाल ने बाजार में धड़ल्ले से बिक रही नकली एवं घटिया दवाओं पर भी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से इस पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि नकली दवाओं का कारोबार आम लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है तथा इस पर प्रभावी नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभागों से नियमित जांच अभियान चलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
बंदी के दौरान दवा विक्रेता सड़क पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते नजर आए। उन्होंने हाथों में तख्तियां एवं बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
हालांकि दवा व्यवसाय सेवा भावना से जुड़ा होने के कारण आपातकालीन परिस्थिति एवं आम जनता की परेशानी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह प्रभावित नहीं होने दिया गया। अस्पतालों एवं नर्सिंग होम की फार्मेसियों को बंद से अलग रखा गया था। इसके अलावा शहर के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में चार फार्मेसियों को आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु खोलने की अनुमति दी गई, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े।
बंद के दौरान बंगाईगाँव के विभिन्न क्षेत्रों में दवा दुकानों के बंद रहने से आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने की तस्वीर सामने आई। चन्द तथाकथित थोक दवा विक्रेताओं के गुमराह करने के बावजूद सभी दवा विक्रेताओं ने बंद का जोरदार समर्थन किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बंद को सफल बताते हुए सभी दवा विक्रेताओं, व्यापारियों एवं आम जनता का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।












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