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भगवान पर अटूट विश्वास रखने वाले भक्त की सहायता स्वयं प्रभु करते हैं: गौरव व्यास

 


गौशाला में सेठ सांवरिया सत्संग समिति का नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा


गुवाहाटी, आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में चल रहे आठ दिवसीय नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा के चतुर्थ दिवस व्यासपीठ पर विराजमान मुख्य कथा वाचक गौरव व्यास ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नरसिंह दास जी अपनी पुत्री नानी बाई के विवाह का निमंत्रण देने अपने परिवारजनों के पास गए। किन्तु परिवार के लोगों ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि “गरीब के मायरे में कौन जाएगा।” तब नरसिंह दास जी ने किसी से अपेक्षा न रखते हुए अपने 16 संतों को साथ लिया और भगवान का स्मरण करते हुए गाड़ी में बैठकर विवाह की ओर प्रस्थान किया।

महाराज ने कहा कि मूल कथा के अनुसार नरसी मेहता जी के पास धन-दौलत, आभूषण या वैभव कुछ भी नहीं था। उनके पास केवल तुलसी की माला, तुमरी और प्रभु श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति थी। वे बूढ़े बैलों की गाड़ी में बैठकर अपनी बेटी नानी बाई के ससुराल के लिए निकल पड़े। मार्ग में रात्रि के अंधकार में उनकी गाड़ी खराब हो गई। उस समय भी नरसी मेहता जी ने धैर्य रखते हुए कहा कि “भक्ति का मार्ग कठिन अवश्य है, परंतु जो सच्चे मन से प्रभु पर विश्वास रखता है, उसकी रक्षा स्वयं ठाकुरजी करते हैं।”

तभी कथा में प्रसंग आता है कि भगवान श्रीकृष्ण खाती (बढ़ई) का रूप धारण कर वहाँ प्रकट हुए। उन्होंने गाड़ी को हाथ लगाया और वह गाड़ी मानो विमान के समान चलने लगी। प्रभु स्वयं सारथी बनकर गाड़ी हाँकने लगे और सभी संतों सहित नरसी मेहता जी को भोर होने से पहले नानी बाई के ससुराल पहुँचा दिया। इस प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची भक्ति, श्रद्धा और भगवान पर अटूट विश्वास रखने वाले भक्त की सहायता स्वयं प्रभु करते हैं। 

भक्तों से खचाखच भरे पंडाल में कथा के बीच-बीच में श्रद्धालुओं ने संगीतमय भजनों का भी जमकर आनंद उठाया। इस दौरान नरसिंह दास जी व 16 संतों की जीवंत झांकी उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन समिति सुरेंद्र लाठ ने बताया कि कथा के चतुर्थ दिवस पंडित प्रकाश शास्त्री की देखरेख में समिति के सदस्य सन्तोष-रेणु चौधरी, बसन्त-ऊषा ताम्बी, रमेश-अंजू महेश्वरी, ईश्वर प्रसाद-कौशल्या चौधरी, नारायण-रतन कवर नरुका, मुरारीलाल-शोभा चौपदार, ओम प्रकाश-अंजना लोहिया, पवन-सीमा बजाज द्वारा कराई गई। पुरुषोत्तममास के अवसर पर सेठ सांवरियां सत्संग समिति द्वारा आयोजित नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा का आयोजन रोजाना अपराह्न 2.30 बजे से शाम 6 बजे तक गौशला के वृंदावन गार्डन में किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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