लखीमपुर से ओमप्रकाश तिवारी और राजेश राठी की रिपोर्ट
लखीमपुर, असम विधानसभा सचिवालय में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। अखील असम निबनुवा संस्था ने विधानसभा अध्यक्ष रंजीत दास द्वारा सचिव दुलाल पेगु को पद से हटाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। संस्था ने साथ ही पूरे मामले की व्यापक जांच की भी मांग उठाई है।
अखील असम निबनुवा संस्था का आरोप है कि विधानसभा सचिवालय में लंबे समय से अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन आरोपों को लेकर संस्था ने पहले तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष को सचिव दुलाल पेगु के खिलाफ एक स्मारक पत्र भी सौंपा था।
संस्था का कहना है कि उस समय शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद न्याय की मांग को लेकर संस्था को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी और मामले में एक याचिका दायर की गई।
अब वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष रंजीत दास द्वारा दुलाल पेगु को सचिव पद से मुक्त किए जाने के निर्णय के बाद संस्था ने संतोष व्यक्त किया है। अखील असम निबनुवा संस्था के केंद्रीय समिति के सचिव जीवन राजखोवा ने इस कदम को सकारात्मक बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया है।
हालांकि संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल पद से हटाना ही पर्याप्त नहीं है। संस्था ने संबंधित अधिकारी के कार्यकाल के दौरान हुई सभी नियुक्तियों, ठेका प्रक्रियाओं और अन्य प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
संस्था का कहना है कि जांच में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल विधानसभा सचिवालय से जुड़े इस मामले ने राज्य के प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच की मांग पर सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।








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