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पांडुनाथ देवलय, प्राचीन गणेश मंदिर, पांडु घाट, गुवाहाटी में 12 सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन

 


गुवाहाटी: जनकल्याण एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पांडुनाथ देवलय (प्राचीन गणेश मंदिर), पांडु घाट, गुवाहाटी परिसर में 12 सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया गया।


उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी कैलाश चंद्र लोहिया ने मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। प्रदीप भड़ेच उच्च सम्मानित अतिथि तथा ओम प्रकाश खाकोलिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


इन शौचालय परिसरों का निर्माण एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन, नारंगी द्वारा इसके संस्थापक अजय पोद्दार एवं कंचन पोद्दार की पहल पर कराया गया है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से वार्षिक अंबुबाची मेला तथा अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं, आगंतुकों एवं आम जनता को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


कार्यक्रम के दौरान अजय पोद्दार ने मंदिर समिति एवं एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन की ओर से सभी विशिष्ट अतिथियों को सम्मान एवं कृतज्ञता स्वरूप पारंपरिक असमिया गामोसा भेंट कर सम्मानित किया।


इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में किशोर साबू, प्रकाश श्रीमल, अरुण अग्रवाल, अनिल थरड़, समित सराफ, अमित कंसल, पवन जाजोदिया, बिष्णु पोद्दार, डॉ. मुरारी लाल अग्रवाल, पंकज पोद्दार, चंदन सेठिया, हेमंत जैन, सुशील जालान, अशोक अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, बिनोद लोहिया, राजेश केडिया, दीपक अग्रवाल, राज बेदी, अरविंद सराफ, राजेश अग्रवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित थे।


समारोह के उपरांत अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने पवित्र पंच गणेश धाम में विशेष पूजा-अर्चना की, जहां मंदिर परिसर की शिलाओं में भगवान गणेश के पांच प्राकृतिक स्वरूप विद्यमान होने की मान्यता है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर के नीचे स्थित गुफा में स्थापित पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा ऐतिहासिक विष्णु मंदिर में भी श्रद्धा अर्पित की, जिसे पारंपरिक रूप से पांडव काल से संबंधित माना जाता है।


मुख्य अतिथि द्वारा फीता काटकर एवं स्मारक शिलापट्ट का अनावरण कर शौचालय परिसरों का विधिवत उद्घाटन किया गया।


उद्घाटन के पश्चात अनेक श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर के आसपास के जलाशयों में निवास करने वाली पवित्र मछलियों को आहार अर्पित किया।


मंदिर समिति की ओर से मंदिर के संस्थापक संरक्षक एवं प्रभारी निमाई चंद्र दास ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा मंदिर के समृद्ध इतिहास एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। समिति के अन्य उपस्थित सदस्यों में पदुम कुमार साठिया, संजय अग्रवाल, किशन सिंह, अंकुर सिंह एवं अमित शर्मा शामिल थे।


ब्रह्मपुत्र नदी के पवित्र तट पर स्थित पांडुनाथ देवलय को असम के सबसे प्राचीन एवं पूजनीय धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मंदिर परिसर में पवित्र पंच गणेश धाम, पांडव काल से संबद्ध प्राचीन विष्णु मंदिर तथा मंदिर के नीचे स्थित गुफा में प्रतिष्ठित शिवलिंग विद्यमान हैं।


मंदिर के पुजारियों एवं विद्वानों के अनुसार, माता कामाख्या के दर्शन हेतु जाने से पूर्व श्रद्धालु पारंपरिक रूप से पांडुनाथ देवलय में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करके अपनी यात्रा प्रारंभ करते थे।


उल्लेखनीय है कि एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन इससे पूर्व भी लोकहरा स्थित तिरुपति बालाजी परिसर तथा अमिंगांव स्थित हरे कृष्ण मंदिर में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का प्रायोजन कर चुका है। इस प्रकार फाउंडेशन सामुदायिक कल्याण, सार्वजनिक स्वच्छता एवं सामाजिक सेवा के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता का निर्वहन कर रहा है।




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