रमेश मुन्दड़ा
होजाई: विश्व पर्यावरण दिवस पर डबका हाई स्कूल में शिक्षाविद और समाजसेवी जयन्त चौधरी के प्रेरक नेतृत्व में एक प्रभावशाली पर्यावरणीय कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्कूल प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में नीम के पौधे रोपण के साथ ही लगभग 500 विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों में नीम के पौधे वितरित किए गए। इस पहल ने समुदाय में हर घर, हर स्कूल और सड़क किनारे हरित आवरण बढ़ाने का संदेश स्पष्ट कर दिया।
कार्यक्रम में बताया गया कि जयन्त चौधरी ने पिछले करीब 20 वर्षों में लगभग 62,000 से अधिक नीम के पौधे बांटे और कई हजार पोधे लगाए हैं। उनका यह सतत प्रयास जंगलों की सुरक्षा और हरित पृथ्वी बनाने की दिशा में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बदलता जलवायु और वनक्षेत्रों के नुकसान के कारण हमारे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए हर नागरिक के लिए कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना आवश्यक है।
होजाई के योगीजान शिक्षा खंड के शिक्षा अधिकारी मृन्मय गौस्वामी ने मौके पर एक सूचना-पत्रिका का अनावरण किया, जिसमें नीम के पेड़ के पर्यावरणीय और दैनिक जीवन में लाभों को सरल भाषा में समझाया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों और विद्यार्थियों को वही प्रचार सामग्री और नीम के पौधे बांटे गए।
मुख्य अतिथियों में शिक्षा अधिकारी मृन्मय गोस्वामी, बीआरपी नाज़िम उद्दीन लस्कर, सीआरसी मदन दत्त, निरेन्द्र दास, डबका हाई स्कूल के प्राचार्य बदरुल इस्लाम बेग व डबका प्रेस क्लब के अध्यक्ष इस्माइल अली आदि शामिल थे। सभी ने मिलकर और अधिक वृक्षारोपण व संरक्षण की प्रतिज्ञा की।
कार्यक्रम में बोलते हुए जयन्त चौधरी ने आगाह किया कि वृक्षारोपण सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सतत प्रतिबद्धता है। नीम के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों में विभिन्न फलों व छाँव देने वाले पेड़ों के पौधे भी वितरित किए गए। परिसर में समारोह के अंत में लगभग पचास नीम के पौधे रोपे गए।
इस बहुमूल्य सेवा के लिए जयन्त चौधरी को विद्यालय, समाजिक संस्थाओं और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर सम्मानित किया जाता रहा है। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ शिक्षक फरूक अहमद और अन्य वक्ताओं ने भी चौधरी के प्रयासों की प्रशंसा की। डबका समुदाय ने उन्हें स्नेहपूर्वक 'नीम मानव' की उपाधि देकर उनके कार्यों की स्वीकारोक्ति की।








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