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विश्व पर्यावरण दिवस पर वीर लाचित सेना असम, लखीमपुर जिला समिति की पहल — जिलेभर में चला व्यापक वृक्षारोपण अभियान



लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट 

 

लखीमपुर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु के लिए संघर्ष, हमारे भविष्य के लिए पृथ्वी बचाएं” की थीम को आत्मसात करते हुए वीर लाचित सेना असम की लखीमपुर जिला समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को पूरे जिले में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा “प्लास्टिक मुक्त एवं हरित लखीमपुर” के संकल्प के साथ आयोजित इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया।


जिला समिति के अंतर्गत उत्तर लखीमपुर सदर, तेलाही कमलाबारिया, लालुक, हरमती, नारायणपुर, चाउलधोवा, बोगीनदी, घिलामारा, ढकुवाखाना, सुवनसिरी, धोलपुर, शिमलुगुरी, खेराजखाट एवं नाऊबोसिया क्षेत्रीय समितियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों, विद्यालय परिसरों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा सड़क किनारों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा जिले को अधिक हरित एवं प्रदूषणमुक्त बनाना था।


जिले का मुख्य कार्यक्रम उत्तर लखीमपुर स्थित वाणिज्य महाविद्यालय के खेल मैदान में वीर लाचित सेना असम की उत्तर लखीमपुर सदर आंचलिक समिति द्वारा क्रिकेट एकेडमी ऑफ एक्सीलेंस के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वीर लाचित सेना असम की केंद्रीय समिति के सूचना एवं प्रचार सचिव प्राणजीत गोगोई मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


अपने संबोधन में प्राणजीत गोगोई ने कहा कि लाचित बरफुकन के आदर्शों से प्रेरणा लेकर संगठन मातृभूमि की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का दायित्व भी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य उपहार है।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला सामाजिक वानिकी विभाग के जिला वन अधिकारी पदुम बोरपात्र गूहाईं ने लोगों से अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया। वहीं जिला समिति के मुख्य सचिव मनोज कोलिता ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हुए वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं सुंदर पृथ्वी छोड़ना हम सभी का नैतिक दायित्व है।


उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि वृक्ष रहेंगे तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण प्राप्त होगा।


लालुक में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें लालुक आदर्श चिकित्सालय की उप-अधीक्षक डॉ. भारती बोरा, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उत्पल सईकिया, लालुक थाना के प्रभारी अधिकारी सीमांत पाठक, जिला समिति के अध्यक्ष दिगेंद्र बोरगूहाईं तथा जिला संयुक्त सचिव रत्नेश्वर बरुवा सहित वीर लाचित सेना के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों एवं कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


इसके अतिरिक्त हरमती, नारायणपुर, चाउलधोवा, बोगीनदी, घिलामारा, ढकुवाखाना, धोलपुर तथा शिमलुगुरी क्षेत्रीय समितियों द्वारा स्थानीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा आम जनता के सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर “एक व्यक्ति – एक पौधा” का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया गया।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों, बढ़ते वायु एवं जल प्रदूषण तथा असम में बाढ़ एवं कटाव जैसी समस्याओं के साथ पर्यावरण विनाश के संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही सभी लोगों से पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई।


इस अभियान के अंतर्गत लखीमपुर जिले में लगभग 1000 पौधों का रोपण किया गया तथा “हरित लखीमपुर, स्वस्थ लखीमपुर” के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पृथ्वी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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