विंग्स कल्चरल ग्रुप द्वारा जिला पुस्तकालय, गुवाहाटी (असम) में 21 जून को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के कालजयी नाटक ‘डाकघर’ का सफल मंचन किया गया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी किस्मत बानो ने किया। इस भावनात्मक और प्रेरणादायक प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
मुख्य भूमिका में अभिनेता अक्की अवकाश जैन जम्मङ ने बिखेरा अभिनय का जादू
नाटक की सबसे बड़ी विशेषता रही मुख्य भूमिका में अभिनेता अक्की अवकाश जैन जम्मङ की प्रभावशाली प्रस्तुति। उन्होंने अपने किरदार को संवेदनशीलता, सहजता और भावनात्मक गहराई के साथ निभाते हुए दर्शकों का भरपूर ध्यान आकर्षित किया।
संवाद अदायगी, चेहरे के भाव, आवाज़ की अभिव्यक्ति और मंच पर उनकी सशक्त उपस्थिति ने टैगोर के संदेश “आशा, स्वतंत्रता और जीवन की अनंत संभावनाओं” को जीवंत कर दिया। एक कमरे तक सीमित पात्र की बाहरी दुनिया को देखने की उत्कंठा, जिज्ञासा और भावनात्मक संघर्ष को अक्की ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
दर्शकों और रंगमंच प्रेमियों ने उनकी प्रस्तुति की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण किरदार को जीवंत बनाकर युवा कलाकारों की प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अन्य कलाकारों का भी सराहनीय योगदान
इस प्रस्तुति में शरीफ, अनाबिया, अहिल खत्री, आशमा, पूर्वी भदानी, तिया चोपड़ा, पूजा तालुकदार, आयुष तालुकदार, किशोर दास, अफरीन अली, सैफ अली, रीमा, साजिद खत्री, चंदन अली, रूपज्योति डेका, शहनाज अली सहित सभी कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से नाटक को यादगार बनाया।
तकनीकी टीम
वेशभूषा: शहनाज अलीसंगीत: अरमान अलीमंच सज्जा एवं प्रकाश: लाइटिंग टीमबैकस्टेज सहयोग: चंदन अली एवं साजिद खत्री
विंग्स कल्चरल ग्रुप लगातार युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर साहित्य, संस्कृति और रंगमंच के प्रति नई पीढ़ी में रुचि जागृत करने का कार्य कर रहा है।
‘डाकघर’ का यह सफल मंचन एक बार फिर सिद्ध करता है कि रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं जितनी अपने समय में थीं।








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