लखीमपुर के जहींग स्थित लखीमपुर पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के परजीवी विज्ञान (पैरासिटोलॉजी) विभाग में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों के व्यावहारिक ज्ञान और कौशल का विकास करना था।
महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौतम बरदलै तथा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पल्लवी पाठक के संयुक्त संरक्षण में आयोजित "Microscopic and Molecular Techniques in Entomological Studies" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों के ज्ञान और तकनीकी दक्षता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के एसोसिएट साइंटिस्ट डॉ. सौरभ कुमार लस्कर ने परजीवी विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में संसाधन विशेषज्ञ के रूप में खानापाड़ा स्थित असम पशु चिकित्सा एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के परजीवी विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ. सैदुल इस्लाम सहित डॉ. गौतम बरदलै, डॉ. पल्लवी पाठक, डॉ. धीराश्री चौधरी, डॉ. कौशिक काकती, डॉ. प्रशांत साबुकधरा और डॉ. प्रशांत कुमार बड़ो ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक प्रदर्शन, प्रयोगशाला गतिविधियों तथा संवादात्मक सत्रों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण में राजीव गांधी विश्वविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, उत्तर लखीमपुर विश्वविद्यालय तथा असम पशु चिकित्सा एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों से कुल 33 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसके अलावा चार पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि कई प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े।
समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफल समाप्ति पर डॉ. सौरभ कुमार लस्कर तथा आयोजन समिति की ओर से डॉ. पल्लवी पाठक ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें