रोहा के चापरमुख सिंह गांव में आगामी अक्टुबर महिने में 3 दिवसीय कार्यक्रम के साथ असम में असमिया सिखों के 204 वर्षीय वर्षपूर्ती समारोह आयोजन की तैयारी की जा रही है और खुली सभा में उपस्थित रहें सीएम डॉ हिमंत विश्व शर्मा।
मान के आक्रमण रोध के लिए पंजाब केसरी रंजीत सिंह ने 5 सौ सैनिक असम भेजे थे और हादिराचैकी में मान के विरोध युद्ध कर काफी शिख सैनिकों ने जीवन बलिदान दिए थे और कई रोहा चापरमुख तिताईमारी नदी तट पर बस गये चापरमुख सिंह गांव के तौर पर विख्यात हो गया और तिताईमारी नदी तट पर वर्ष 1820 में गुरुद्वारा माताजी की स्थापना कर असम मिट्टी पानी से रच बस गये और पश्चात चापरमुख सिंह गांव से ही बरकला, लंका, नौगांव, गुवाहाटी सहित राज्य के विभिन्न प्रांतों में पहुंच रचबस गये और आज असम में असमिया सिखों के 204 वर्ष हो गये। असमीया शिख संघ अध्यक्ष तथा राज्य सरकार संख्यालघु उन्नयन वोर्ड उपाध्यक्ष सरदार राजवीर सिंह और असमिया सिख संघ के सचिव सरदार गोविंद सिंह ने असमिया सिखों के 204 वर्षीय इतिहास पर प्रकाश डालते हुवे बताया की उक्त 204 वर्ष गौरवमय इतिहास को रोमंथन करने और यादगार बनाने के उद्देश्य से असमिया सिख संघ के तत्वावधान में आगामी अक्टुबर महिने में तिन दिवसीय विस्तृत धर्मीय कार्यकर्मों के साथ 204 वर्षीय वर्षपूर्ती समारोह आयोजन की तैयारी प्रारंभ करने की जानकारी देते हुवे कहा की 204 वर्षीय वर्षपूर्ती समारोह के खुलि सभा में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा उपस्थित रहेंगें।








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