लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की संयुक्त रिपोर्ट
लखीमपुर, असम के अन्य हिस्सों की तरह लखीमपुर जिले में भी इस वर्ष भीषण सूखे जैसी स्थिति बन गई है। लगातार बारिश नहीं होने और पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, जबकि किसानों के सामने खेती का संकट गहरा गया है।
बारिश के अभाव में जिले के अनेक खेत सूख चुके हैं। कई किसान अब तक धान की नर्सरी तैयार नहीं कर पाए हैं और न ही रोपाई शुरू हो सकी है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों से सटे इलाकों में सूखे की स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। पानी की कमी के कारण कृषि कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे किसान चिंता में हैं।
भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए सोमवार को उत्तर लखीमपुर नगर पालिका ने शहर की प्रमुख सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर मशीनों से पानी का छिड़काव कराया। बारिश जैसी फुहारों के बीच लोगों को कुछ राहत मिली और नगर पालिका की इस पहल की लोगों ने सराहना की।
सूखे और भीषण गर्मी का असर केवल खेती तक ही सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर खेतों में पानी सूख जाने से मछलियां, मेंढक, सांप तथा अन्य जीव-जंतु मर रहे हैं। वहीं, अत्यधिक गर्मी के कारण कुछ स्थानों पर पशुधन की मौत की खबरें भी सामने आई हैं।
किसानों का कहना है कि जहां थोड़ी-बहुत नमी या पानी मौजूद है, वहां भी तेज धूप के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर, अब तक सिंचाई विभाग की ओर से जिले में सिंचाई के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं किए जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ऐसे में किसान टक टकी लगाकर जल्द बारिश होने की आस लगाए हुए है साथ ही साथ सरकार की ओर से आवश्यक सहायता मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।








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