साक्षात्कार, सोयल खेतान, रोहा
मन में प्रवल ईच्छा शक्ति और कुछ करने की चाह हो तो उम्र मात्र एक संख्या है, इसको चरितार्थ किया रोहा के 77वर्षीय कृति शिक्षक हरेंद्र नाथ शर्मा।
रोहा मध्य टोपाकुची निवासी, रोहा सरकारी निम्न बुनियादी अभ्यासन विद्यालय के सेवानिवृत्त कृति शिक्षक, 51वां राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर जिला कृति शिक्षक पुरस्कार प्रापक, वर्ष 2005 में गणराज्य दिवस पर रोहा प्रशासन और गणराज्य दिवस उदजापन समिति द्वारा कृति शिक्षक तौर पर सम्मानित तथा वर्ष 2010 में सेवानिवृत्त हुवे कृति शिक्षक हरेंद्र नाथ शर्मा रोहा बाजार दुर्गा पुजा समिति सहित विभिन्न अनुष्ठान प्रतिष्ठानों के साथ जौडे रह सेवा प्रदान करते आने के क्रम में घर में एसे ही खाली ना बैठ वर्ष 2024 से वांस वेत शिल्प के जौड गये और अपने परिश्रम से घर में ही बांस वेत से सराई, टोकरी, कूर्सी, टी टेबल, मुढा सहित विभिन्न सामग्री निर्माण करते आने के साथ ही अपने घर में वगीचा का निर्माण कर अपने परिश्रम से विभिन्न सब्जी, फल मुल की खेती कर एक सुंदर निदर्शन दे नव प्रजन्म के लिए आदर्श बन गये है। साथ ही हरेंद्र नाथ शर्मा ने बताया की उनके कर्म में पत्नी सेवानिवृत्त ग्राम सेवीका भवानी कंदली भी हाथ बटा सहायता करती है।
उनके निवास स्थान में आज रोहा पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक कुमार शर्मा, शिक्षक, लेखक, कवि लखी प्रसाद डेका, पत्रकार सोयल खेतान उपस्थित हो शर्मा द्वारा बनाये बांस वेत के सामग्रियों को देखा और उनके ईस कार्य की भरपुर प्रशंसा की।








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