राजस्थानी लोकसंगीत के अमर साधक, सुजानगढ़ की पावन धरा के सुपुत्र एवं वीणा कैसेट के संस्थापक केसरी चंद (के.सी.) मालू का जयपुर स्थित उनके निज आवास में हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया है। उनके निधन का समाचार सुनते ही पूरे राजस्थान के अलावा विभिन्न प्रांतो में बसने वाले राजस्थानी संगीत प्रेमियों के बीच शोक की लहर दौड गई। के सी मालू ने वीणा कैसेट के माध्यम से राजस्थानी लोकगीतों, भजनों एवं सांस्कृतिक धरोहर को देश-विदेश तक पहुँचाकर राजस्थान की समृद्ध लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। लोककला, संगीत, संस्कृति एवं साहित्य के संरक्षण और संवर्धन में उनका अमूल्य योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
पूर्वोत्तर प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन व पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच परिवार दिवंगत पुण्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है एवम परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, शुभचिंतकों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें। गुवाहाटी के संगीत प्रेमी राजकुमार रिंगनिया ने भी उनको श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सन 2003 से लगातार 19 वर्ष तक गुवाहाटी में फागणिया के सौजन्य से गुवाहाटी में अपनी सांस्कृतिक सेवाओं को देकर प्रवासियों के मन में राजस्थानी संस्कृति की अलख जगा दी थी। उनकी अंतिम यात्रा 14 जुलाई मंगलवार को शाम 4:30 बजे जयपुर अजमेर रोड स्थित निर्माण नगर से निकलकर पुरानी चुंगी मोक्ष धाम तक जाएगी। उल्लेखनीय है कि के सी मालू ने सुजानगढ़ मे सुपर मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल की नींव रखवाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।








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