मोरानहाट, मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा ने स्थानीय समाज के साथ समन्वय और सामाजिक सहभागिता की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक महत्वपूर्ण पहल में सहभागिता निभाई। मोरान ठाकुरबाड़ी फील्ड स्थित मोरान मिलित शिल्पी समाज द्वारा निर्मित नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह में आयोजित नागरिक समारोह में असम के प्रख्यात गायक एवं "प्राण शिल्पी" जुबिन गर्ग की आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्रतिमा का अनावरण भारत के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक एवं मोरान के गौरव अनुराग सैकिया के करकमलों से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मारवाड़ी समाज के लिए गर्व का विषय रहा कि प्रतिमा के दाता के रूप में मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा के पूर्व अध्यक्ष, समन्वय-2026 अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष एवं समाजसेवी ओमप्रकाश गाड़ोदिया तथा उनके परिवार ने यह महत्वपूर्ण योगदान दिया। समारोह में ओमप्रकाश गाड़ोदिया, कांता गाड़ोदिया, अरविंद गाड़ोदिया, अर्चना गाड़ोदिया एवं कृषिव गाड़ोदिया सहित सम्मेलन परिवार, मातृशक्ति, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित नागरिक सम्मान समारोह में अनुराग सैकिया एवं ओमप्रकाश गाड़ोदिया का फूलम गमछा, सराय एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मोरानहाट शाखा तथा मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा ने भी दोनों अतिथियों का सम्मान कर उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
अपने संबोधन में ओमप्रकाश गाड़ोदिया ने प्रतिमा अनुदान का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका परिवार सदैव सामाजिक समन्वय और जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता आया है तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यों में सक्रिय सहयोग जारी रहेगा।
मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा के अध्यक्ष बिनोद अग्रवाल एवं सचिव छगनलाल माड़ोदिया ने कहा कि मोरान का मारवाड़ी समाज सदैव सामाजिक समन्वय और सांस्कृतिक एकता का समर्थक रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व देवकीनंदन अग्रवाल द्वारा रूपकुंवर ज्योतिप्रसाद अग्रवाल की प्रतिमा का अनुदान दिया गया था और अब ओमप्रकाश गाड़ोदिया द्वारा जुबिन गर्ग की प्रतिमा का अनुदान इस परंपरा को नई ऊंचाई प्रदान करता है। उन्होंने गाड़ोदिया परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें