रमेश मुन्दड़ा
होजाई: साहित्यकार पद्मश्री गीता उपाध्याय के असमय निधन पर होजाई साहित्य सभा व होजाई जिला नेपाली साहित्य सभा ने मिलकर 15 जुलाई की संध्या 6 बजे होजाई साहित्य सभा के बेजबरुआ भवन में श्रद्धांजलि और स्मृतिचर्चा का आयोजन किया। शहर के लगभग पचास से अधिक साहित्यसेवियों ने इस गंभीर और संवेदनशील कार्यक्रम में शिरकत कर शोक व्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व अध्यक्ष दयाल चंद्र क्रो ने स्व. गीता उपाध्याय की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित कर की। होजाई जिला नेपाली साहित्य सभा के अध्यक्ष-दिल्लीराम गौतम ने पुष्पांजलि अर्पित की। उसके बाद असम साहित्य सभा के नाट्य-साहित्य उपसमिति के कार्यकारी अध्यक्ष अनुप कुमार बरठाकुर, असम नेपाली साहित्य सभा के राज्यीय कार्यनिरवाहक हरी अधिकारी, होजाई आंचलिक कर्मचारी परिषद के सचिव दिलीप सैकिया तथा होजाई जिला ज्येष्ठ नागरिक सम्मेलन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सामूहिक रूप से पुष्पांजलि अर्पित की।
दयाल चंद्र क्रो की अध्यक्षता में हुई स्मृतिचर्चा में हरी अधिकारी, अनुप कुमार बरठाकुर, दिल्लीराम गौतम तथा कृष्ण कुमार शर्मा ने क्रमशः गीता उपाध्याय के जीवन, उनकी अद्वितीय साहित्यिक प्रतिभा, अनुवाद साहित्य के प्रति उनका अमूल्य योगदान और असमी तथा नेपाली भाषाओं में उन्होंने जो अमिट साहित्यिक संपदा छोड़ी उस पर भावुक और विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में श्रीमती दुर्वा देवी ने स्व. गीता उपाध्याय पर रचित अपने श्रद्धास्वरूप कवि-पाठ से उपस्थित जनों की भावनाओं को और संजीव बनाया। सभा में 14 जुलाई को आकस्मिक निधन लोकप्रिय असमीय अभिनेत्री पुरवी शर्मा के लिए मौन प्रार्थना कर शोक प्रस्ताव भी स्वीकार किया, और दोनों कलाकारों के परिवारों तथा प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।









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