दीर्घकालिक पुनर्वास परियोजना की शुरुआत
गुवाहाटी, ऊपरी असम में बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के बीच पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच ने राहत कार्यों के साथ अब दीर्घकालिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मंच ने बाढ़ प्रभावित 100 परिवारों के लिए नए घरों का निर्माण कराने का निर्णय लिया है।
वर्तमान बाढ़ संकट के दौरान मंच की 50 से अधिक शाखाएं लगातार राहत एवं सेवा कार्यों में जुटी हुई हैं। संगठन के स्वयंसेवक सबसे अधिक प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर सूखा राशन, पका हुआ भोजन, पेयजल, दूध, दवाइयां, कपड़े तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक सामग्री वितरित कर रहे हैं।
तात्कालिक राहत के साथ अब मंच ने पुनर्वास योजना का भी प्रादेशिक स्तर पर समन्वय शुरू कर दिया है। शाखाओं के माध्यम से बाढ़ से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों की पहचान की जा रही है, ताकि पात्र परिवारों को इस परियोजना का लाभ मिल सके।
मंच के प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी ने कहा कि राहत सामग्री से तत्काल सहायता मिलती है, लेकिन स्थायी पुनर्वास प्रभावित परिवारों को अपना जीवन दोबारा व्यवस्थित करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य 100 पीड़ित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
परियोजना को प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए मंच असम के मुख्यमंत्री से आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश प्राप्त करने की भी योजना बना रहा है।
पूरे राहत एवं पुनर्वास अभियान का समन्वय प्रांतीय महामंत्री प्रभात निमोदिया, प्रांतीय उपाध्यक्ष (मुख्यालय) प्रशांत गोयनका, मंडल उपाध्यक्ष कविता सिकरिया, बाढ़ राहत संयोजक रौनक अग्रवाल एवं श्रेयांश जैन द्वारा किया जा रहा है।
इस संबंध में आधिकारिक जानकारी पूर्वोत्तर प्रादेशिक मारवाड़ी युवा मंच के प्रादेशिक जनसंपर्क संयोजक सेंकी अग्रवाल ने जारी की।










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