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लखीमपुर में 21 अगस्त से श्री श्याम कृष्ण कथा का भव्य आयोजन

 


लखीमपुर से राजेश राठी एवं ओमप्रकाश तिवाड़ी की संयुक्त रिपोर्ट

भव्य कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ; कथा वाचक कन्हैया लाल जी पालीवाल की प्रेरणा से स्थापित हुई गौशाला


लखीमपुर। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्री कृष्ण गोपाल गौशाला, उत्तर लखीमपुर के तत्वावधान में 21 से 23 अगस्त तक श्री श्री सीताराम जी ठाकुरवाड़ी मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय श्री श्याम कृष्ण कथा का आयोजन किया जाएगा। प्रसिद्ध कथा वाचक श्रद्धेय कन्हैया लाल जी पालीवाल, नोखा (राजस्थान) व्यासपीठ से भगवान श्रीकृष्ण, श्री श्याम प्रभु, गौमाता की महिमा और सनातन संस्कृति से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करेंगे।


कथा का शुभारंभ 21 अगस्त को सुबह 9:30 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। श्री हनुमान मंदिर से पवित्र जल लेकर प्रारंभ होने वाली यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंचेगी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


कथा से गौसेवा तक की प्रेरणादायी यात्रा


इस आयोजन का विशेष महत्व इसलिए भी है कि लखीमपुर में स्थापित श्री कृष्ण गोपाल गौशाला के पीछे कथा वाचक कन्हैया लाल जी पालीवाल की प्रेरणा और गौसेवा का संदेश जुड़ा हुआ है। पूर्व में आयोजित भागवत कथा के दौरान उन्होंने गौसेवा एवं गौसंरक्षण का आह्वान किया था। इसी कथा पंडाल में श्रद्धालुओं ने सहयोग और भूमि दान का संकल्प लिया, जिसके परिणामस्वरूप गौशाला की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ऐसे में उसी गौशाला के तत्वावधान में अब श्री श्याम कृष्ण कथा का आयोजन होना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक संयोग माना जा रहा है।


21-22 अगस्त को शाम 7:30 बजे कथा


21 और 22 अगस्त को कथा प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से होगी। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं, भक्त चरित्रों, भक्ति, धर्म और सनातन जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंगों के साथ आकर्षक धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी।


23 अगस्त को अंतिम दिवस की कथा दोपहर 2:30 से शाम 7 बजे तक होगी। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण एवं श्री श्याम प्रभु को छप्पन भोग एवं छत्तीस मेवे का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा और प्रसाद वितरण होगा। कार्यक्रम का समापन उसी रात 8 बजे हवन एवं पूर्णाहुति के साथ होगा।


आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक कथा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से भक्ति के साथ गौसेवा, गौसंरक्षण, संस्कार और सामाजिक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।


श्री कृष्ण गोपाल गौशाला ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, गौभक्तों, माताओं-बहनों, युवाओं एवं श्रद्धालुओं से सपरिवार आयोजन में शामिल होकर कथा श्रवण का आध्यात्मिक लाभ लेने का आह्वान किया है।



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