अभिनेत्री जुरी शर्मा को मिला डॉ. भवेंद्र नाथ सैकिया पुरस्कार
पाठशाला, असम के भ्राम्यमाण थिएटर समूहों ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भ्राम्यमाण थिएटर जगत के अग्रणी समूह आवाहन थिएटर के 2026-27 नाट्य वर्ष की 47वीं यात्रा का पाठशाला के भगवती क्षेत्र में भव्य शुभारंभ हुआ।
समारोह का औपचारिक उद्घाटन असम विधानसभा अध्यक्ष एवं भवानीपुर-सरभोग क्षेत्र के विधायक रंजीत कुमार दास ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि भ्राम्यमाण थिएटर ने असमिया संस्कृति को समृद्ध करने के साथ-साथ समाज को सांस्कृतिक रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आवाहन थिएटर की आगामी नाट्य यात्रा के लिए कलाकारों एवं तकनीकी दल के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
‘रंगवेदिका’ का विमोचन
इस अवसर पर वरिष्ठ निबंधकार पुलू कुमार शर्मा एवं गोपाल जालान द्वारा संपादित आवाहन थिएटर की मुखपत्रिका ‘रंगवेदिका’ का विमोचन सादिन-प्रतिदिन समूह के प्रकाशक यतीन चौधरी ने किया।
उन्होंने कहा कि बजाली प्राचीन काल से ही असम का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र रहा है और 47 वर्ष पूरे कर चुका आवाहन थिएटर स्थानीय सांस्कृतिक संस्थाओं के सहयोग से असम की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जुरी शर्मा को डॉ. भवेंद्र नाथ सैकिया पुरस्कार
समारोह का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध अभिनेत्री जुरी शर्मा को डॉ. भवेंद्र नाथ सैकिया पुरस्कार से सम्मानित किया जाना रहा। प्रख्यात साहित्यकार, नाटककार एवं निर्देशक डॉ. भवेंद्र नाथ सैकिया की स्मृति में वर्ष 2008 से प्रदान किए जा रहे इस सम्मान को ग्रहण करते हुए जुरी शर्मा ने इसे अपने जीवन का सबसे सुखद क्षण और सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों में से एक बताया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ निबंधकार पुलू कुमार शर्मा ने किया, जबकि निर्माता प्रस्तुति पराशर ने स्वागत भाषण दिया। समारोह की शुरुआत दिवंगत गायक जुबिन गर्ग के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद बजाली क्षेत्र के विधायक धर्मेश्वर राय ने दीप प्रज्वलित किया।
उद्घाटन समारोह में आवाहन थिएटर के संस्थापक-निर्माता कृष्ण राय, प्रशासनिक अधिकारी मानस दास, कलाकार अजय फुकन सहित अनेक विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित रहे।
तीन नाटकों के साथ नाट्य यात्रा शुरू
आवाहन थिएटर इस नाट्य वर्ष में तीन नाटकों के साथ अपनी यात्रा शुरू कर रहा है। उद्घाटन दिवस पर अभिजीत भट्टाचार्य द्वारा लिखित नाटक ‘अमावस्या’ का मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने उत्साहपूर्वक देखा।










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