रमेश मुंदड़ा
होजाई: किताबी ज्ञान से परे जब सपने हकीकत का रूप लेने लगते हैं, तो एक नई सोच का जन्म होता है। असम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आरोहण’ के तहत होजाई जिले के 58 प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए 19 अगस्त का दिन बेहद खास रहा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत चुने गए इन बच्चों की आंखों में नए अनुभव बटोरने की चमक और चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था।
जिला आयुक्त कार्यालय परिसर का माहौल उत्सव जैसा था। जब जिला आयुक्त संजय दत्ता ने एक छात्रा के हाथों में हरा झंडा थमाकर बस को रवाना करवाया, तो केवल बस आगे नहीं बढ़ी, बल्कि बच्चों के सपनों ने एक नई उड़ान भरी।
यह यात्रा केवल घूमने-फिरने का जरिया नहीं है। इस शैक्षणिक सफर के दौरान ये बच्चे गुवाहाटी स्थित देश के शीर्ष संस्थानों—आईआईटी (IIT) और एम्स (AIIMS)—का दौरा करेंगे। वहां वे न सिर्फ विश्वस्तरीय शिक्षा प्रणाली को करीब से देखेंगे, बल्कि कैरियर काउंसलिंग के सत्रों में भाग लेकर अपने भविष्य की राह चुनेंगे।
इस मौके पर जिला आयुक्त ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, "यह महज एक यात्रा नहीं, बल्कि अपने सपनों को नई दिशा देने का जरिया है। कक्षा के कमरों से बाहर निकलकर जब आप बड़े संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से देखते हैं, तो सोचने का दायरा बड़ा होता है। बेझिझक सवाल पूछिए, नया सीखिए और अपने आत्मविश्वास को मजबूत कीजिए।"
इन 58 बच्चों के इस सफर से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का एक नया नजरिया भी मिलेगा।





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