लखीमपुर, धेमाजी जिले के गोगामुख के मिंगमांग–बदाटी क्षेत्र में असम–अरुणाचल सीमा पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर वीर लाचित सेना असम, लखीमपुर जिला समिति ने कड़ी निंदा की है। संगठन के अनुसार, घटना में 8 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
वीर लाचित सेना असम की लखीमपुर जिला समिति के मुख्य सचिव मनोज कलिता ने विरोध स्थल पर पहुंचकर असम सरकार से सवाल किया कि सीमा पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था आखिर कहां है।
संगठन ने मांग की है कि—
गोलीबारी की घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच हो।
दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
घायलों के बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था सरकार करे।
संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
सीमा क्षेत्र के लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए नियमित प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जाए।
असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की
पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
वीर लाचित सेना असम ने स्पष्ट किया कि संगठन संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन सीमा क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और अधिकारों के मामले में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संगठन ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर तत्काल और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार की कथित निष्क्रियता के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
वहीं, संगठन ने गोलीबारी में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए सरकार से उनके इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की है।










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