गुवाहाटी--एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) एनई चैप्टर ने ऊपरी असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 लाख रुपये का योगदान दिया। चैप्टर के प्रतिनिधिमंडल ने लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात कर उन्हें चेक सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में एएचपीआई एनई चैप्टर के अध्यक्ष नीलाव मजूमदार, मारवाड़ी अस्पताल के निदेशक (प्रशासनिक ) रोहित उपाध्याय, डाउनटाउन हॉस्पिटल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं चैप्टर की कोषाध्यक्ष मयूराक्षी दत्ता तथा जीएनआरसी हॉस्पिटल्स के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अंशुल खेमका शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने एएचपीआई के योगदान की सराहना करते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से शिवसागर के नाजिरा में आयोजित नि:शुल्क चिकित्सा राहत शिविर की सराहना की।
एएचपीआई एनई चैप्टर ने 9 और 10 अगस्त को नाजिरा में दो दिवसीय नि:शुल्क मेडिकल राहत शिविर आयोजित किया, जिसमें करीब 1,000 बाढ़ प्रभावित लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, दवाइयां और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में नि:शुल्क आई-केयर सेवा भी दी गई तथा जरूरतमंद लोगों को उनकी दृष्टि संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार नि:शुल्क चश्मे वितरित किए गए।
चैप्टर के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और जन आपातकाल के समय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावित समुदायों के साथ खड़ा रहे। एएचपीआई की पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य सरकार के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों में आर्थिक सहयोग देना है।










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