लखीमपुर, लखीमपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एलएमसीएच) के डॉक्टरों, इंटर्न चिकित्सकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए शिवसागर जिले के गौरीसागर स्थित बाढ़ प्रभावित खोनामुख क्षेत्र में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं बाढ़ राहत शिविर का आयोजन किया। 2 अगस्त को आयोजित इस शिविर में 460 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि 215 बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री वितरित की गई।
यह सेवा अभियान एलएमसीएच की स्टाफ प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. चिन्मयी देवरी के मार्गदर्शन में इंटर्न डॉक्टरों द्वारा आयोजित किया गया। इसमें एलएमसीएच के प्राध्यापकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, एमबीबीएस छात्रों तथा लखीमपुर कैंसर सेंटर के बी.एससी. नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने आर्थिक एवं अन्य प्रकार से सहयोग प्रदान किया।
शिविर में मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम तथा स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी प्रदान की गई।
राहत कार्य के अंतर्गत 215 परिवारों को चावल, दाल, आटा, नमक, चीनी, साबुन, डिटर्जेंट, मोमबत्तियां, ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल तथा सैनिटरी पैड सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में एलएमसीएच के प्राचार्य एवं मुख्य अधीक्षक डॉ. प्रांजल तहबिलदार, अधीक्षक डॉ. रक्तिम बरुआगोहाईं, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. किरण सोनोवाल तथा डॉ. गुंजुरानी दत्ता ने उपस्थित रहकर अभियान का उत्साहवर्धन किया। वहीं स्नातकोत्तर छात्र, इंटर्न डॉक्टर, मेडिकल छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवक तथा एलएमसीएच फार्मासिस्ट समाज के दीपेन हजारिका एवं उनके सहयोगियों ने दवाइयों और राहत सामग्री के वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य आपदा की घड़ी में राहत पहुंचाने के साथ-साथ लोगों में विश्वास और आशा का संचार भी करते हैं। यह अभियान चिकित्सा संस्थानों की सामाजिक प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।









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