शिलांग के महादेव खोला स्थित श्री बाबा रामदेव जी मंदिर की रजत जयंती पर भावपूर्ण स्मृतियों और सेवा-संकल्प का संगम
शिलांग। कुछ स्थान केवल ईंट-पत्थरों से नहीं बनते, वे लोगों की आस्था, भावनाओं और वर्षों के समर्पण से आकार लेते हैं। महादेव खोला स्थित श्री बाबा रामदेव जी मंदिर भी ऐसा ही एक पावन स्थल है, जिसने 25 वर्षों की यात्रा में अनगिनत श्रद्धालुओं की आस्था और समाज की सामूहिक सेवा-भावना को अपने भीतर समेटा है।
मंदिर निर्माण के 25 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण होने पर अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मेघालय प्रांत द्वारा आयोजित रजत जयंती समारोह इसी भावनात्मक विरासत का उत्सव बन गया। वातावरण में श्रद्धा, स्मृतियों और उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता का भाव था, जिन्होंने इस यात्रा में अपना समय, श्रम, सहयोग और विश्वास दिया।
एक संकल्प, जिसने मंदिर का रूप लिया
आज जब श्रद्धालु बाबा रामदेव जी के चरणों में शीश झुकाते हैं, तो उस समय की अनेक स्मृतियाँ भी सामने आती हैं, जब इस मंदिर की कल्पना एक संकल्प के रूप में की गई थी। समारोह में श्रीमती पुष्पा बजाज के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया गया। उनके साथ श्रीमती कनक गोयल, श्रीमती पिंकी चाचान, श्रीमती आशा जसरासरिया एवं श्रीमती कलावती शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ बहनों एवं सहयोगियों के योगदान को भी भावपूर्ण ढंग से याद किया गया।
25 वर्षों में मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं रहा, बल्कि समाज के लिए आस्था, मिलन, सेवा और अपनत्व का केंद्र बन गया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला भंडारा इस सामूहिक सेवा-भावना को आज भी जीवंत बनाए हुए है।
25 वर्ष की यात्रा, आज एक मजबूत परिवार
रजत जयंती समारोह के साथ अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मेघालय प्रांत की 25 वर्षों की यात्रा भी स्मृतियों में जीवंत हो उठी। 25 वर्षों में संस्था ने लंबी यात्रा तय करते हुए आज लगभग 110 सदस्यों के सशक्त परिवार का रूप ले लिया है। इस यात्रा में अनेक पीढ़ियों की महिलाओं ने अपनी ऊर्जा, समय और सेवा-भावना से योगदान दिया।
समारोह की योजना और व्यवस्थाओं में वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती सिल्की बजाज एवं श्रीमती नीतू शर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मेलन की पांचों शाखाओं—सृष्टि, समृद्धि, संस्कृति, स्वीकृति एवं संस्कार—की अध्यक्ष श्रीमती सरिता मास्करा, श्रीमती मयूरी अग्रवाल, श्रीमती सोनी भूत, श्रीमती सुरुचि चमरिया एवं श्रीमती संदीप जलेवा तथा उनकी टीमों ने पूरे श्रद्धा-भाव, प्रेम और समर्पण के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं एवं सेवा कार्यों को संभाला।
यह दृश्य अपने आप में एक संदेश था कि जब महिलाएं एक उद्देश्य के लिए साथ आती हैं, तो वर्षों पुरानी परंपराएं भी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ती हैं।
नए रूप में लौटा ‘संदीपन’
रजत जयंती समारोह का एक अत्यंत भावुक और विशेष अध्याय रहा ‘संदीपन’ का डिजिटल रूप में पुनः शुभारंभ। लगभग 25 वर्ष पहले शुरू हुई ‘संदीपन’ केवल एक पत्रिका नहीं थी, बल्कि समाज के विचारों, साहित्य, संस्कृति, रचनात्मकता और स्मृतियों को सहेजने का माध्यम थी। समय के साथ उसका सफर थम गया, लेकिन उसकी भावना समाप्त नहीं हुई।
रजत जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर ‘संदीपन’ ने डिजिटल बुक के रूप में फिर से अपनी यात्रा शुरू की। यह मानो पुराने दीप में नई लौ प्रज्वलित होने जैसा क्षण था। पुरानी स्मृतियां वही हैं, संस्कार वही हैं, लेकिन माध्यम नया है। अब ‘संदीपन’ डिजिटल माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचेगा और समाज की उपलब्धियों, साहित्य, संस्कृति एवं विचारों को एक नए मंच पर स्थान देगा।
आज का समारोह इसलिए भी विशेष रहा, क्योंकि एक ही अवसर पर तीन महत्वपूर्ण यात्राओं के 25 वर्ष पूरे होने का भाव सामने आया—श्री बाबा रामदेव जी मंदिर के 25 वर्ष, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मेघालय प्रांत के 25 वर्ष और ‘संदीपन’ के 25 वर्ष।
एक यात्रा आस्था की, एक सेवा और संगठन की तथा एक विचार एवं संस्कृति की। तीनों की अपनी अलग पहचान है, लेकिन तीनों के केंद्र में एक ही भावना दिखाई देती है—समाज के लिए कुछ करने की इच्छा और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर विरासत छोड़ने का संकल्प।
25 वर्षों को नमन, अगले 25 वर्षों का संकल्प
समारोह के अंत में पिछले 25 वर्षों में जुड़े सभी वरिष्ठजनों, बहनों, सहयोगियों और समाज के सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। यह अवसर केवल अतीत को याद करने का नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए नया संकल्प लेने का भी रहा—कि सेवा, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक एकता की यह ज्योति आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहे।
महादेव खोला का मंदिर आज भी उसी श्रद्धा का साक्षी है। 25 वर्ष बीत गए, लेकिन आस्था का दीप आज भी प्रज्वलित है।
श्री बाबा रामदेव जी महाराज के चरणों में सादर नमन। उनका आशीर्वाद समाज पर सदैव बना रहे और सेवा की यह ज्योति आने वाले वर्षों में और अधिक प्रकाश फैलाती रहे।
कार्यक्रम के बाद श्रीमती पुष्पा बजाज ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।









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