भागवत शोभायात्रा से सामूहिक नाम-प्रसंग तक, जिलेभर में दिखी भक्ति और सांस्कृतिक चेतना की झलक
लखीमपुर। असम के अन्य हिस्सों के साथ-साथ लखीमपुर जिले में भी महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कहीं भव्य भागवत शोभायात्रा निकाली गई, तो कहीं सामूहिक रूप से जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर श्रीमंत शंकरदेव के महान जीवन, दर्शन और सामाजिक योगदान को स्मरण किया गया।
जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों तथा जिला प्रशासन की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कई स्थानों पर भागवत शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्ति गीतों, नाम-कीर्तन और धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा के दौरान लोगों ने श्रीमंत शंकरदेव की वैष्णव संस्कृति, भक्ति आंदोलन और सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी जन्मोत्सव को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने नाम-प्रसंग, भजन, कीर्तन, नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा भाषण प्रस्तुत कर श्रीमंत शंकरदेव के जीवन और कृतित्व को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने असम की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा एकशरण नामधर्म के माध्यम से समाज में भक्ति, मानवता और भाईचारे का संदेश दिया।
जिला प्रशासन की ओर से भी विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित कर महापुरुष के योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रमों में असम की समृद्ध सत्रिया संस्कृति, नाम-कीर्तन और वैष्णव परंपरा की झलक देखने को मिली।
लखीमपुर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने न केवल धार्मिक आस्था को अभिव्यक्त किया, बल्कि असम की पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश को भी मजबूत किया। पूरे जिले में दिनभर उत्सव जैसा माहौल रहा और श्रद्धालुओं ने महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
लखीमपुर में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव की तस्वीरों में श्रद्धा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता की खूबसूरत झलक देखने को मिली।











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