सार्थक एजुकेशनल सेंटर के सहयोग से शुरू किए गए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का मिला सकारात्मक परिणाम
गुवाहाटी। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की उत्तर गुवाहाटी शाखा ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शाखा के प्रयासों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 10 मूक-बधिर दिव्यांग युवाओं में से 6 का विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार के लिए चयन हुआ है। इस सफलता से शाखा के सदस्यों में हर्ष का माहौल है।
उत्तर गुवाहाटी शाखा की ओर से दिसंबर 2025 में सार्थक एजुकेशनल सेंटर, गुवाहाटी के सहयोग से 25 मूक-बधिर दिव्यांग युवाओं के लिए निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करवाया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर गुवाहाटी शाखा ने 10 दिव्यांग युवाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा था।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सार्थक एजुकेशनल सेंटर की ओर से रोजगार के लिए साक्षात्कार आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न कंपनियों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर प्रशिक्षित युवाओं का साक्षात्कार लिया।
साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद उत्तर गुवाहाटी शाखा द्वारा भेजे गए 10 प्रशिक्षुओं में से 6 युवाओं का विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन हुआ। चयनित युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलने से उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल है। यह उपलब्धि दिव्यांग युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर उत्तर गुवाहाटी शाखा की अध्यक्षा श्रीमती इंदु पारीक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरी शाखा के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं की सफलता दर्शाती है कि उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर दिव्यांग युवा भी आत्मनिर्भर होकर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
श्रीमती पारीक ने बताया कि वर्तमान प्रशिक्षण बैच के पूरा होते ही नया बैच शुरू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने समाज के लोगों से भी अपील की कि उनके संपर्क में यदि कोई ऐसा दिव्यांग व्यक्ति है, जिसे व्यावसायिक प्रशिक्षण अथवा रोजगार की आवश्यकता है, तो उसे उत्तर गुवाहाटी शाखा से संपर्क करने के लिए प्रेरित करें।
उत्तर गुवाहाटी शाखा की यह पहल दिव्यांग युवाओं को सम्मानजनक जीवन, आत्मनिर्भरता और रोजगार से जोड़ने की दिशा में सेवा एवं सामाजिक दायित्व का उल्लेखनीय उदाहरण है।









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