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सुरक्षित भवन, सुरक्षित जीवन : अग्नि सुरक्षा पर बीएआई की संगोष्ठी

 


विशेषज्ञों ने सही योजना, नियमों के पालन और आपातकालीन निकास व्यवस्था को बताया अनिवार्य


गुवाहाटी, बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई), गुवाहाटी केंद्र की ओर से खानापाड़ा में “अग्नि सुरक्षा—रोकथाम, संरक्षण एवं तैयारी” विषय पर विशेष जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वी मार्क इंडिया लिमिटेड के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य भवनों एवं विभिन्न संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करना तथा आग जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श करना था।


संगोष्ठी में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों तथा बिल्डर समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अग्निकांड की रोकथाम, भवनों की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी तथा निर्माण कार्यों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।


असम अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक-सह-निदेशक मुकेश अग्रवाल (सेवानिवृत्त) ने अग्निकांड की रोकथाम तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा के समय नुकसान को कम करने के लिए पहले से की गई तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जान-माल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को भवन निर्माण की प्रारंभिक योजना से ही प्राथमिकता देने पर जोर दिया।


वहीं, एसआईईसीपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शांतनु मुखोपाध्याय तथा आईजीबीसी, नॉर्थ ईस्ट चैप्टर के अध्यक्ष अभियंता जे. एन. खाटनियार ने भवन सुरक्षा, निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा जिम्मेदार निर्माण पद्धतियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।


बीएआई गुवाहाटी केंद्र के अध्यक्ष रूपेश खाखोलिया ने कहा कि निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भवनों की रूपरेखा और निर्माण इस प्रकार किया जाना आवश्यक है कि वे न केवल मजबूत हों, बल्कि किसी आपातकालीन स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी और बचाव कार्य में भी सहायक साबित हों। उन्होंने विशेष रूप से आपातकालीन निकास मार्गों और बचाव रास्तों को स्पष्ट, सुरक्षित तथा आसानी से पहुंच योग्य बनाए रखने पर जोर दिया।


उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल अग्निशमन उपकरण लगाने तक सीमित नहीं है। इसके लिए भवन की उचित योजना, निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पालन, नियमित निरीक्षण, पूर्व तैयारी, जागरूकता और प्रभावी आपातकालीन निकास व्यवस्था समान रूप से आवश्यक है।


बीएआई गुवाहाटी केंद्र के सचिव पंकज कुमार अग्रवाला ने कहा कि संगठन निर्माण क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर नियमित रूप से संगोष्ठियों और ज्ञान-विनिमय कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भूकंप सुरक्षा, हरित भवन निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सदस्यों और संबंधित पक्षों के बीच जागरूकता, तकनीकी ज्ञान तथा बेहतर कार्य-पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।


संगोष्ठी का संदेश स्पष्ट रहा कि भवन निर्माण में सुरक्षा को बाद की व्यवस्था नहीं, बल्कि प्रारंभिक योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उचित योजना, नियमों का पालन और प्रभावी आपातकालीन निकास व्यवस्था ही आग जैसी आपदाओं के दौरान बड़े नुकसान को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


कार्यक्रम को सफल बनाने में बीएआई गुवाहाटी केंद्र के अध्यक्ष रूपेश खाखोलिया, सचिव पंकज कुमार अग्रवाला, कोषाध्यक्ष शरद भजनका सहित केंद्र के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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