बकाया राशि देने के बहाने घर बुलाकर व्यवसायी पवन जैन की हत्या, बाथरूम से बोरे में बंद शव बरामद
लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की संयुक्त रिपोर्ट
लखीमपुर, ढकुआखना के प्रतिष्ठित व्यवसायी, मानवतावादी और मृदुभाषी पवन जैन उर्फ पुनिया (59) की मंगलवार को उनके घर से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, ढकुआखना नगर के पुराने और प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रतिष्ठान ‘प्रकाश क्लॉथ स्टोर’ के सह-मालिक पवन जैन मंगलवार दोपहर करीब 1:05 बजे भोजन करने के लिए अपनी दुकान से साइकिल पर घर के लिए निकले थे। उनका घर नगर के बीच स्थित दुकान से करीब 400 मीटर दूर बालिगांव में जैन मंदिर के पास है। घर नहीं पहुंचने पर करीब 1:30 बजे परिवार के लोगों ने दुकान पर मौजूद उनके बड़े भाई प्रकाश जैन को फोन कर जानकारी ली। इसी दौरान पता चला कि पवन जैन का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। इसके बाद परिवार में चिंता फैल गई। परिजनों ने ढकुआखना पुलिस को सूचना दी। स्थानीय युवकों और व्यवसायियों ने भी उनकी तलाश शुरू कर दी।पवन जैन अपना अधिकांश समय दुकान और घर के बीच ही बिताते थे और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। ऐसे व्यक्ति के दिनदहाड़े अचानक लापता होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस, स्थानीय युवकों और रिश्तेदारों ने संभावित सभी स्थानों पर तलाश की, लेकिन दिन के दौरान उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच विश्वसनीय सूचना के आधार पर ढकुआखना थाने के प्रभारी अधिकारी प्रियव्रत गोगोई के नेतृत्व में पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रात करीब 10:10 बजे बालिगांव निवासी व्यवसायी धनंजय साहू के घर की तलाशी ली। वहां बाथरूम में मुंह सिले हुए बोरे से पवन जैन का शव बरामद किया गया। घटना के सिलसिले में पुलिस ने धनंजय साहू (47), उसकी पत्नी सीता साहू (37), पुत्र सूरज साहू (18) तथा टेंपो चालक राजू सहानी (18) को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।जानकारी के अनुसार, ढकुआखना डेली बाजार के धनंजय साहू ने कुछ महीने पहले व्यवसायी भाइयों प्रकाश जैन और पवन जैन से तीन लाख रुपये से अधिक की राशि उधार ली थी। पुलिस के अनुसार, धनंजय साहू ने कथित तौर पर बकाया राशि लौटाने के बहाने दोपहर में घर जा रहे पवन जैन को अपने बालिगांव स्थित घर बुलाया। वहां पत्नी, पुत्र और राजू सहानी की कथित मदद से उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस पूछताछ में धनंजय साहू ने शुरुआत में पवन जैन की हत्या के लिए शिवसागर के एक व्यक्ति को जिम्मेदार बताकर गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि बाद में उसने कथित तौर पर हत्या की पूरी घटना का विवरण पुलिस के सामने बताया। पुलिस के अनुसार, धनंजय साहू ने पवन जैन को घर बुलाकर बैठाया और पानी से भरी स्टील की बोतल से उनके सिर पर जोरदार वार किया, जिससे वह फर्श पर गिरकर बेहोश हो गए। इसके बाद पिता-पुत्र ने कथित तौर पर लकड़ी के पीढ़े सहित अन्य भारी सामान से उनके चेहरे पर कई बार वार किया और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 1:20 बजे पवन जैन का मोबाइल बंद कर दिया गया। उनकी साइकिल के हिस्से खोलकर घर की छत पर छिपा दिए गए। आरोपियों ने रात में शव को चारिकोड़िया नदी में फेंककर घटना के सबूत मिटाने की भी योजना बनाई थी और इसके लिए राजू सहानी का टेंपो भी तैयार रखा गया था। हत्या के बाद धनंजय साहू कथित तौर पर अपने घर से महज करीब 200 मीटर दूर स्थित पवन जैन के घर पर भी नजर रख रहा था और रात करीब 8:30 बजे तक यह पता लगाने का प्रयास करता रहा कि पवन जैन के लापता होने के संबंध में कोई नई जानकारी सामने आई है या नहीं। हत्या के आरोप में गिरफ्तार चारों आरोपियों को बुधवार को ढकुआखना पुलिस ने अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया। अदालत ने चारों आरोपियों को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस हत्याकांड के बाद पूरे ढकुआखना उप-मंडल में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के विरोध में ढकुआखना के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुबह से शाम तक स्वतः बंद रहे। वहीं, ढकुआखना के विभिन्न दलों और संगठनों ने शांतिप्रिय एवं अपराधमुक्त क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले इस उप-मंडल में बाहर से आकर बसे साहू परिवार को ढकुआखना छोड़ने की चेतावनी दी है। संगठनों ने धनंजय साहू समेत सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने तथा ढकुआखना पुलिस से आरोपियों के विरुद्ध मजबूत आरोप-पत्र तैयार करने की मांग की है।










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