टियोक से बिजू तुनवाल।
प्राणों के कलाकार जुबीन गर्ग की पहली स्मृति दिवस के अवसर पर आऊनीआटी विश्वविद्यालय में ‘जुबीन दिवस’ मनाया गया। विश्वविद्यालय के पंजीयक तथा प्रसिद्ध लेखक-शोधकर्ता डॉ. माधुर्यमंडित बरुआ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डॉ. बरुआ ने कहा कि जुबीन गर्ग की तुलना किसी अन्य व्यक्ति से नहीं की जा सकती। कलाकार, गीतकार, संगीतकार, फिल्म निर्माता और मानवतावादी के रूप में उनकी पहचान विशिष्ट रही। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग को अतिमानवीय रूप देने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से उनके जीवन, कार्य, जीवन-दर्शन और राजनीतिक विचारों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में ‘मायाबिनी’ प्रार्थना गीत, कविता पाठ, नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए गए। साथ ही जुबीन गर्ग के जीवन एवं कार्यों पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें नाहर दल ने प्रथम, माया दल ने द्वितीय तथा अनामिका दल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यापक-अध्यापिकाएं, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










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