पूर्ण नाम परिवर्तन के मामले में गजट अधिसूचना दाखिल करना अनिवार्य
सेंकी अग्रवाल, गोरेश्वर।
तामुलपुर जिला आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी एक सार्वजनिक अधिसूचना में आधार में नाम सुधार और परिवर्तन के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी दी गई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा सितंबर 2026 में जारी संशोधित एसओपी के अनुसार यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत 28 अक्टूबर 2021 से लागू नाम सुधार की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
संशोधित नियमों के अनुसार आधार में नाम केवल ब्लॉक लेटर (बड़े अक्षरों) में दर्ज किया जाएगा। नाम के साथ उपनाम, सैन्य पद, पदमर्यादा, पुरस्कार या सम्मानसूचक उपाधि, डॉट अथवा विशेष चिह्न का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। आवेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज में जिस वर्तनी, क्रम और संक्षिप्त रूप में नाम अंकित होगा, आधार में नाम भी उसी प्रकार अपडेट किया जाएगा।
सामान्य (लघु) नाम परिवर्तन में नाम के आरंभिक अक्षर को संक्षिप्त या विस्तारित करना, मध्य नाम या उपनाम (सरनेम) जोड़ना अथवा हटाना, नाम का क्रम बदलना तथा उच्चारण की दृष्टि से समान हल्की वर्तनी संबंधी सुधार शामिल हैं। ऐसे मामलों में पहचान प्रमाण-पत्र अथवा लागू स्थिति में पते का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए परिवार के मुखिया आधारित नाम अपडेट की व्यवस्था रहेगी।
आधार में डेटा एंट्री की त्रुटि के कारण नाम गलत दर्ज हो गया हो, लेकिन आवेदक द्वारा पहले प्रस्तुत दस्तावेज में नाम सही हो, तो UIDAI के डेटा से मेल होने की स्थिति में सुधार सीधे स्वीकार किया जाएगा। डेटा से मेल न होने पर निर्धारित शपथपत्र के साथ पहचान या पते का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं, अंग्रेजी भाषा में नाम सही होने के बावजूद क्षेत्रीय भाषा में नाम गलत दर्ज होने की स्थिति में पहचान प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
विशेष मामलों में विवाह या तलाक के बाद उपनाम बदलना, लिंग परिवर्तन के लिए नाम बदलना, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे के नाम से ‘Baby of.......’ हटाना तथा पद, पदमर्यादा या उपाधि हटाना शामिल हैं। ऐसे मामलों में संबंधित श्रेणी के अनुसार निर्धारित शपथपत्र तथा पहचान या पते का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
इसके अलावा, पूर्ण नाम या पहचान बदलने की स्थिति को ‘मेजर नेम चेंज’ (प्रमुख नाम परिवर्तन) माना जाएगा। ऐसे मामलों में पहचान प्रमाण-पत्र के साथ गजट अधिसूचना प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
अधिसूचना में आवेदकों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए गए हैं। निर्धारित शपथपत्र गैर-न्यायिक (नॉन-ज्यूडिशियल) स्टाम्प पेपर पर तैयार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट, कार्यपालिका मजिस्ट्रेट अथवा नोटरी पब्लिक अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षरित एवं प्रमाणित कराना होगा। आवेदक को जांच के लिए मूल दस्तावेज साथ लाने के साथ-साथ उनकी स्व-प्रमाणित प्रतिलिपि भी प्रस्तुत करनी होगी।
झूठे, जाली या धोखाधड़ीपूर्ण दस्तावेज, शपथपत्र अथवा जानकारी प्रस्तुत करने पर आधार निष्क्रिय करने के साथ-साथ लागू कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में आवेदक स्वयं पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
आवेदकों को सलाह दी गई है कि आधार नामांकन या अपडेट केंद्र जाने से पहले अपने नाम सुधार या परिवर्तन की श्रेणी को सही ढंग से पहचान लें और आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाएं, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी तथा केंद्र के बार-बार चक्कर लगाने की स्थिति से बचा जा सके।
अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि नाम सुधार के लिए आवश्यक अनुलग्नक (एनेक्सा) बी, सी, डी, ई और एफ के शपथपत्र के प्रारूप आधार नामांकन/अपडेट केंद्र अथवा तामुलपुर जिला आयुक्त कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विजय बेजबरुआ ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संवाद माध्यमों को यह जानकारी दी।










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