गुवाहाटी चैप्टर ने 18 एकल आचार्यों को प्रशस्ति-पत्र एवं उपहार देकर किया सम्मानित
गुवाहाटी। वनबन्धु परिषद, गुवाहाटी चैप्टर की ओर से 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर होटल प्राग कॉन्टिनेंटल, गुवाहाटी में साधारण सभा एवं एकल आचार्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात शिशु निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चैप्टर अध्यक्ष नीरज चमड़िया ने उपस्थित सभी एकल आचार्यों एवं सदस्यों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि एकल अभियान द्वारा किया जा रहा कार्य केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज एवं वनवासी क्षेत्रों में, जहाँ शिक्षा की सुविधाएँ अत्यंत सीमित हैं, वहाँ एकल आचार्य ज्ञान एवं संस्कार की ज्योति प्रज्वलित करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।
इसके बाद चैप्टर के सचिव अजय पोद्दार ने चैप्टर की गतिविधियों एवं कार्यों की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत किए की। उन्होंने एकल विद्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक धन संग्रह में समाज के सभी वर्गों से सहयोग देने का आग्रह किया।
शिक्षक सम्मान समारोह की विधिवत शुरुआत करते हुए चैप्टर के कार्यकारी अध्यक्ष बाबूलाल नवलखा ने उपस्थित सभी एकल आचार्यों का अभिनंदन किया और उनकी निस्वार्थ सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि एकल आचार्य समाज के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की ज्योति जलाने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
महिला समिति की अध्यक्ष चंदा अग्रवाल ने महिला समिति के गतिबिधियाँ प्रस्तुत करते हुए सभी एकल आचार्यों का अभिनंदन करते हुए उनके समर्पण, निष्ठा एवं सेवाभाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एकल आचार्य विषम परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रहे हैं।
एकल अभियान केंद्रीय कार्यकारिणी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि एकल आचार्य बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें सनातन संस्कृति, संस्कार एवं राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकल अभियान केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभाव पहुँचाने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस पुनीत कार्य से जुड़ने तथा एकल अभियान को और अधिक व्यापक एवं सशक्त बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पश्चिम पूर्वोत्तर संभाग के 9 अंचलों से उपस्थित 18 एकल आचार्यों को उनके समर्पण, निष्ठा एवं सेवाभाव के लिए प्रशस्ति-पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान कई एकल आचार्यों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उनके संघर्ष, समर्पण एवं सेवा के प्रेरणादायक प्रसंगों ने उपस्थित सभी सदस्यों को भावविभोर कर दिया। आचार्यों द्वारा साझा किए गए अनुभवों ने यह दर्शाया कि विषम परिस्थितियों के बावजूद वे शिक्षा एवं संस्कार की ज्योति जलाने के अपने संकल्प को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। उनके अनुभव वास्तव में सभी के लिए प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय रहे।
कार्यक्रम में शिशु निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से विशेष रूप से आमंत्रित विद्यार्थियों ने एकल आचार्यों के सम्मान में मनमोहक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में संयोजक रीना भौमिक, चैप्टर के संरक्षक रतन गोयल एवं लखन गुप्ता, अध्यक्ष नीरज चमड़िया, उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव अजय पोद्दार, सदस्य अनिल खेतान, प्रवीण मस्करा, प्रेम अग्रवाल, मनीष भौमिक, गोपाल पन्सारी एवं हरीश अग्रवाल, राष्ट्रीय महिला समिति की उपाध्यक्ष उमा देवड़ा, संक्रांति जोनल प्रभारी प्रेमलता अग्रवाल, मीडिया प्रभारी बिमला बजाज, एग्जीबिशन प्रभारी सुशीला गुप्ता, सदस्य नीरू गुप्ता, नेहा चमड़िया एवं रीता अग्रवाल, एकल अभियान के करण गोड़, मधु नर्जरी, तिलेश्वर कुर्मी एवं राम साहू सहित अनेक सेवाव्रती कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वर्तमान में वनबन्धु परिषद, गुवाहाटी चैप्टर द्वारा उत्तर-पूर्वांचल के असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा एवं नागालैंड में कुल 5,928 एकल विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति एवं राष्ट्रीयता की भावना पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य निरंतर किया जा रहा है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन विनीता पारीक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एकल अभियान के वरिष्ठ सेवाव्रती कार्यकर्ता करण गोड़ ने किया।










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