टियोक। जुबीन गर्ग की स्मृति में मनाए जा रहे ‘जुबिन दिवस’ के क्रम में मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा की ओर से टियोक स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने उपस्थित होकर लोकप्रिय कलाकार जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा के सचिव बिजू कुमार तुनवाल ने कहा कि जुबीन गर्ग ऐसे कलाकार थे, जिन्हें समाज कभी भुला नहीं सकता। उनकी यादें, उनका साहस और समाज के प्रति उनकी सोच लंबे समय तक लोगों के बीच जीवित रहेगी।
उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग ने जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखने का संदेश दिया। उनके विचारों, संगीत और सामाजिक योगदान को याद करते हुए आज असम ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान जुबीन गर्ग के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने कुछ क्षण मौन रखकर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
इसके बाद स्थानीय नन्हे कलाकार सिमंत चुटिया ने जुबीन गर्ग का लोकप्रिय गीत ‘मायाबिनी’ प्रस्तुत कर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और जुबीन की संगीत विरासत की स्मृतियां ताजा हो उठीं। प्रस्तुति के बाद मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा के उपाध्यक्ष कामाख्या लाल चांडक ने नन्हे कलाकार सिमंत चुटिया को असमिया गमछा पहनाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा के उपाध्यक्ष कामाख्या लाल चांडक, राजकुमार जैन, राकेश करनानी, अभिषेक करनानी, संपत शर्मा, राम सोमानी और अरुण तिवारी सहित समाज के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जुबीन गर्ग के संगीत, सामाजिक चेतना और उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। ‘जुबिन दिवस’ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।










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