श्रद्धालुओं ने निकाली 16 किलोमीटर की भक्तिमय पैदल यात्रा
टियोक, बिजू तुनवाल।
बाबा रामदेव जी के प्रति आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा सोमवार को टियोक से हाथीगढ़ तक देखने को मिला। बाबा रामदेव सेवा समिति, टियोक के सहयोग से श्रद्धालुओं ने टियोक स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से हाथीगढ़ स्थित बाबा रामदेव मंदिर तक करीब 16 किलोमीटर की भक्तिमय पैदल यात्रा निकाली। इस दौरान पूरा मार्ग बाबा रामदेव जी के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा।
यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 6 बजे राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में बाबा रामदेव जी की ज्योत प्रज्वलित कर की गई। सामूहिक आरती और प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालु बाबा रामदेव जी के चित्र से सुसज्जित वाहन के साथ भजन-कीर्तन और जयकारे लगाते हुए हाथीगढ़ के लिए रवाना हुए।
सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई इस यात्रा में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए श्रद्धालु हाथीगढ़ की ओर बढ़ते रहे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं के लिए पानी, फल, कोल्ड ड्रिंक, शरबत और जलपान की व्यवस्था की गई। लादोईगढ़ में विशेष रूप से चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी।
करीब तीन घंटे की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु लगभग 10 बजे हाथीगढ़ स्थित बाबा रामदेव मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचते ही बाबा रामदेव जी के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए, मंदिर की परिक्रमा की तथा ज्योत लेकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया गया। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के टियोक लौटने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की गई थी।
हाथीगढ़ मंदिर परिसर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। टियोक के अलावा जोरहाट और आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त बाबा रामदेव जी के दर्शन करने और ज्योत लेने पहुंचे। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
वर्ष 2002 से निभाई जा रही है परंपरा
बाबा रामदेव सेवा समिति, टियोक द्वारा वर्ष 2002 से बाबा रामदेव जी की ज्योत लेकर दर्शन करने की धार्मिक परंपरा निभाई जा रही है। प्रारंभिक वर्षों में श्रद्धालु ज्योत लेकर डिब्रूगढ़ धाम तक साइकिल यात्रा करते थे। समय के साथ विभिन्न स्थानों पर बाबा रामदेव जी के मंदिर स्थापित होने के बाद यात्रा का स्वरूप भी बदलता गया।
हाथीगढ़ में बाबा रामदेव मंदिर स्थापित होने के बाद टियोक से पैदल यात्रा की परंपरा शुरू हुई। हर वर्ष पुरुष, महिलाएं और बच्चे सामूहिक रूप से इस यात्रा में शामिल होकर बाबा रामदेव जी के दर्शन करते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ करीब 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर बाबा रामदेव जी के प्रति अपनी आस्था और भक्ति प्रकट की।










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