मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोग अब भी खुलकर बात नहीं करते। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के मौके पर मनोचिकित्सकों ने कहा कि तनाव को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। स्वयं को नुकसान पहुंचाने वाले विचारों को गंभीरता से लें और समय पर मदद लें।
डॉक्टरों ने बताया कि युवाओं में मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है। परिवार के साथ संवाद बनाए रखना बहुत जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े चेतावनी संकेतों को पहचानें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लें।
भारत सरकार ने 24 घंटे उपलब्ध टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 शुरू की है। अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक परेशानी से जूझ रहा है, तो इस नंबर पर कॉल करें। किसी को अकेला न छोड़ें और मदद लेने में संकोच न करें।









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