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सेवा और समर्पण की मिसाल बना चाचान परिवार

 


बाबा रामदेव की भादव दशमी पर विशाल भंडारा, 21 किलो के लड्डू का लगाया भोग


पिछले 15 वर्षों से लगातार आयोजन, हर वर्ष पांच हजार से अधिक श्रद्धालु ग्रहण करते हैं प्रसाद


गुवाहाटी। लोकदेवता बाबा रामदेव पीर की भादव दशमी के पावन अवसर पर चाचान परिवार की ओर से चैंबर रोड स्थित अग्रवाल सेवा सदन में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और सेवा भावना से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बाबा रामदेव पीर को 21 किलो के विशाल लड्डू का भोग अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया।


चाचान परिवार पिछले कई वर्षों से धार्मिक आयोजनों के साथ सेवा कार्यों को जोड़कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। विशेष रूप से बाबा रामदेव दशमी के अवसर पर आयोजित होने वाला परिवार का भंडारा अब श्रद्धालुओं के बीच अपनी अलग पहचान बना चुका है। परिवार की ओर से पिछले 15 वर्षों से लगातार भादव दशमी पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष पांच हजार से अधिक श्रद्धालु इसमें प्रसाद ग्रहण करते हैं।


चाचान परिवार के कमल चाचान ने बताया कि उनके परिवार द्वारा आयोजित भंडारे की सबसे खास बात यह है कि प्रसाद वितरण की जिम्मेदारी किसी बाहरी व्यवस्था या कर्मचारियों पर नहीं छोड़ी जाती। परिवार के सदस्य स्वयं श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसाद परोसते हैं। परिवार के छोटे-बड़े सभी सदस्य सेवा कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।


उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसना उनके परिवार के लिए केवल धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का अवसर है। परिवार के सदस्य पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। यही परंपरा पिछले कई वर्षों से निरंतर चली आ रही है।


शनि जयंती पर भी 17 वर्षों से भंडारे की परंपरा


चाचान परिवार की सेवा भावना केवल बाबा रामदेव दशमी तक सीमित नहीं है। परिवार की ओर से पिछले 17 वर्षों से फैंसी बाजार स्थित शनि मंदिर के सामने शनि जयंती के अवसर पर भी भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।


शनि जयंती के भंडारे में भी परिवार के सदस्य स्वयं सेवा की जिम्मेदारी संभालते हैं। प्रसाद तैयार कराने से लेकर श्रद्धालुओं को भोजन परोसने तक परिवार के सदस्य पूरे समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाते हैं। परिवार का मानना है कि धार्मिक आयोजनों की सार्थकता तभी है, जब उनके साथ सेवा और जरूरतमंदों के प्रति सहयोग की भावना भी जुड़ी हो।


घाईगांव में 16 वर्षों से हनुमान जन्मोत्सव पर भंडारा


घाई गांव के मूल निवासी चाचान परिवार की धार्मिक एवं सामाजिक सेवा गतिविधियों का विस्तार घाईगांव तक भी है। घाईगांव स्थित हनुमान मंदिर में परिवार की ओर से पिछले 16 वर्षों से हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर लगातार भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।


इस भंडारे में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। आयोजन की संपूर्ण आर्थिक जिम्मेदारी चाचान परिवार स्वयं वहन करता है। परिवार के सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं।


चाचान परिवार द्वारा वर्षों से किए जा रहे इन धार्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि परिवार स्वयं इन आयोजनों की जिम्मेदारी उठाता है। भंडारे के आयोजन में आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ परिवार के सदस्य स्वयं सेवा कार्य में जुटते हैं। इस प्रकार उन्होंने सेवा को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए पारिवारिक संस्कार का रूप दिया है।


बाबा रामदेव दशमी, शनि जयंती और हनुमान जन्मोत्सव जैसे धार्मिक अवसरों पर लगातार भंडारों का आयोजन कर चाचान परिवार श्रद्धालुओं की सेवा के साथ सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। परिवार की यह दीर्घकालीन सेवा परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाजसेवा के प्रति समर्पण की मिसाल बनी हुई है।

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