बंगाईगाँव में पहली बार आयोजित हुई 51 मीटर चुनरी शोभा यात्रा, उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

बंगाईगाँव में पहली बार आयोजित हुई 51 मीटर चुनरी शोभा यात्रा, उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

 


​बंगाईगांव: शारदीय नवरात्रा के पावन अवसर पर इस वर्ष बंगाईगांव में एक ऐतिहासिक और अलौकिक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। माँ बाघेश्वरी माता की असीम अनुकंपा और 51 शक्तिपीठों की प्रेरणा से शहर में पहली बार 51 मीटर लंबी चुनरी शोभा यात्रा का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे इलाके को भक्तिमय रंग में रंग दिया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।


​निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह भव्य चुनरी शोभा यात्रा 11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर समय पगलास्थान स्थित प्राचीन शिव मंदिर से आरंभ हुई। इस आयोजन के मुख्य यजमान विमल शर्मा एवं स्वाति शर्मा ने सपत्नीक विधि विधान से पूजा अर्चना करने के पश्चात 51 मीटर लंबी चुनरी शोभा यात्रा का श्रीगणेश किया।


​पगलास्थान शिव मंदिर से प्रारंभ हुई यह यात्रा मायापुरी और शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए मां बाघेश्वरी मंदिर तक पहुँची। इस दौरान पूरा मार्ग माता के जयकारों और भक्ति भजनों से गूंज उठा। "चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है!" जैसे पारंपरिक और ऊर्जावान भजनों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से आध्यात्मिक बना ।


​इस शोभा यात्रा की एक और सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल होने वाले भक्तों की अनुशासनबद्ध और सुंदर पारंपरिक वेशभूषा थी। यात्रा में भारी संख्या में मातृशक्ति और पुरुष श्रद्धालु सम्मिलित हुए। महिलाओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी दिव्य बना दिया, जो लाल और पीले रंग की पारंपरिक चुनरियों और वस्त्रों में सुसज्जित होकर माता के जयकारे लगाते हुए चल रही थीं। वहीं, पुरुष वर्ग ने इस अनुष्ठान में पूर्ण रूप से सफेद वस्त्र धारण कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। सफेद और लाल-पीले रंगों का यह अनूठा संगम देखते ही बनता था, जो शहर की सड़कों पर आस्था का एक अदभुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। शोभायात्रा में माता रानी एक रथ पर सजी हुई थी। शोभायात्रा में माता रानी की झांकी के अलावा इस्कॉन मंदिर के भक्तगण भजनों की गंगा प्रवाहित कर रहे थे।


​शोभा यात्रा जब माँ बाघेश्वरी मंदिर पहुँची, तो पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ 51 मीटर लंबी चुनरी माता को अर्पण की गई। माता का श्रृंगार इस भव्य चुनरी से किए जाने के बाद मंदिर परिसर में विशेष आरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने हिस्सा लिया और माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

​आयोजन कर्ताओं के पूर्व घोषित नियमानुसार, माँ बाघेश्वरी को अर्पित की गई इस पवित्र 51 मीटर चुनरी को बाद में 31 विशेष भक्तों में प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया। मंदिर परिसर में सालासर भक्त मंडल के द्वारा भजनों की अमृत वर्षा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया।


इस दिव्य चुनरी शोभायात्रा को सफलता के शिखर पर पहुंचाने में मनोज सिंघी, महेश कुमार अग्रवाल, सुनील सिंघी, महेश सेन, पंडित विष्णु प्रसाद उपाध्याय, जय माता दी महिला मंडल के सदस्यों का विशेष सक्रिय सहयोग के अलावा समाज के सभी भक्तों का साथ रहा।

​

​बंगाईगांव के इतिहास में इस प्रकार का यह पहला आयोजन था, जिसमें 51 शक्तिपीठों की ऊर्जा का आह्वान करते हुए इतनी लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई। आयोजकों और निवेदकों—"करने वाली माँ, कराने वाली माँ"—के भाव के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि बंगाईगांव के लोगों में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रति कितनी गहरी निष्ठा है।


​यात्रा के समापन पर स्वाति शर्मा ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी भक्तों, महिलाओं और युवाओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस भव्य आयोजन ने नवरात्र के इस पवित्र पर्व को बंगाईगाँव के लिए चिर-स्मरणीय बना दिया है।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें

Narendra Soni
Click or tap on the image to maximize
Rock n Dhol
Click or tap on the image to maximize
Rise Plus
Click or tap on the image to maximize
Live Telecast
Click or tap on the image to maximize
WhatsApp
Click or tap on the image to maximize
× Enlarged Image ```